लापता लोगों की तलाश में धराली में हर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। शुक्रवार को 257 फंसे लोगों को निकाला गया। अब तक 729 को रेस्क्यू किया जा चुका है। रेस्क्यू ऑपरेशन में थर्मल इमेजिंग और विक्टिम लोकेटिंग कैमरे का भी उपयोग किया जा रहा।
सेना की विशेष श्वान टीमों को तैनात किया गया
हर्षिल और धराली में चल रहे मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभियानों के तहत, ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर), ज़ेवर रडार और टोही रडारों के समन्वय से खोज कार्यों में सहायता के लिए भारतीय सेना की विशेष श्वान टीमों को तैनात किया गया है। श्वान टीमें पिछले तीन दिनों से सक्रिय रूप से खोज अभियानों में लगी हुई हैं और चुनौतीपूर्ण इलाके में लोगों का पता लगाने और समग्र बचाव प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
हर्षिल-धराली में बचाव कार्य तेजी से: डीजीपी दीपम सेठ
डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि आज सुबह मौसम साफ़ होने के कारण कई जीवित बचे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और वायुसेना और यूकाडा के माध्यम से बड़ी संख्या में रसद, राशन और आवश्यक सामग्री पहुंचाई गई है। हर्षिल-धराली में बचाव कार्य तेज़ हो गए हैं। हम आज बचे हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इसीलिए हमने आज सुबह ही अभियान शुरू कर दिया। भटवाड़ी और गंगनानी मार्गों को जल्द ही बहाल कर दिया जाएगा।
पूरी रात बैली ब्रिज बनाने के काम में जुटे रहे जवान
लिमचिगाढ़ में बैली ब्रिज बन रहा है। जवान पूरी रात बैली ब्रिज बनाने के काम में जुटे रहे।
सेना के शिविर को भी भारी नुकसान
उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद हर्षिल में सेना के शिविर को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
52 लोगों को आईटीबीपी मातली सिफ्ट किया गया
आपदा स्थल पर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, फायर, राजस्व आदि की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। आपदा ग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों को एयर लिफ्ट करने का सिलसिला निरंतर जारी है। सुबह आठ बजे तक 52 लोगों को आईटीबीपी मातली सिफ्ट किया गया है।
हर्षिल में बनी झील
पांच अगस्त को बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के बाद हर्षिल में एक झील बन गई है।
नुकसान का आकलन करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार तेजी से आपदा ग्रस्त क्षेत्र में बिजली, पानी, संचार के साथ सड़क कनेक्टिविटी बहाल करने का प्रयास कर रही है। साथ ही प्रभावितों के पुनर्वास के भी प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों व फसलों के नुकसान के आकलन के लिए डीएम उत्तरकाशी को निर्देश दे दिए हैं।
जिंदगी की तलाश…रेस्क्यू का पांचवा दिन, गर्भवती सहित 52 लोगों को लाया गया मातली
धराली आपदा में लापता लोगों की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। खोजबीन के लिए हर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की ओर से थर्मल इमेजिंग, विक्टिम लोकेटिंग कैमरे और खोजी कुत्तों की मदद से मलबे व भारी भरकम पत्थरों के नीचे तलाश की जा रही है।
शुक्रवार को शाम तक 257 फंसे लोगों को रेस्क्यू किया। जबकि अब तक (चार दिन) 729 से अधिक फंसे लोगों को हर्षिल, गंगोत्री, मातली से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान जारी है। मुख्यमंत्री तीसरे दिन भी ग्राउंड जीरो पर हैं।



