स्पेन के आपदा प्रबंधन कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने भूमिगत रेलों और मेट्रों में फंसे करीब 35 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला। ऐसे ही हालात कुछ पुर्तगाल में भी रहे। मोबाइल फोन बंद होने की वजह से बैट्री से चलने वाली रेडियो की डिमांड बढ़ गई।
यूरोपीय देश स्पेन और पुर्तगाल सोमवार को पावर ब्लैकआउट की समस्या से जूझ रहे थे और पुर्तगाल में मंगलवार सुबह तक भी कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी है। स्पेन में लगभग 99 प्रतिशत इलाकों में बिजली आपर्ति बहाल हो गई है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। सोमवार को ब्लैकआउट के चलते इन देशों में हवाई सेवा और मेट्रो सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। मोबाइल कम्युनिकेशन और एटीएम भी बंद पड़ गए। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि अभी भी बिजली जाने की वजह पता नहीं चल सकी है।
थम गई जिंदगी की रफ्तार
स्पेन के इलेक्ट्रिसिटी ऑपरेटर रेड इलेक्ट्रा ने बताया है कि 99 प्रतिशत इलाकों में ऊर्जा आपूर्ति शुरू हो गई है, लेकिन कुछ इलाके ऐसे रहे, जहां पूरी रात बिजली नहीं आ सकी और लोगों को अंधेरे में ही रात गुजारनी पड़ी। कुछ जगहों पर 16 घंटे बीतने के बाद भी मोबाइल फोन सेवाएं सामान्य नहीं हो सकी हैं। अचानक ब्लैकआउट होने से कई लोग मेट्रो में फंस गए थे। इसके कारण कई लोगों को घंटों पैदल चलकर घर जाना पड़ा तो कई ने ट्रेन स्टेशन और एयरपोर्ट्स पर ही रात गुजारी। ब्लैकआउट के दौरान सड़कें और बाजार खाली रहे।
ब्लैकआउट की वजह अभी साफ नहीं
स्पेन के आपदा प्रबंधन कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने भूमिगत रेलों और मेट्रों में फंसे करीब 35 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला। ऐसे ही हालात कुछ पुर्तगाल में भी रहे। मोबाइल फोन बंद होने की वजह से बैट्री से चलने वाली रेडियो की डिमांड बढ़ गई। साथ ही बड़ी संख्या में लोग बैकअप जेनरेटर खरीदते देखे गए। कई लोगों ने हालात को देखते हुए खाने-पीने का स्टॉक जमा कर लिया। बिजली न होने की वजह से बैंकिंग गतिविधियां भी बुरी तरह से प्रभावित हुईं। गौरतलब है कि पावर ब्लैकआउट की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं है। साइबर हमले की आशंका से भी पुर्तगाल की सरकार ने इनकार किया है। वहीं स्पेन की सरकार का कहना है कि वे इसकी वजह का पता लगाने में जुटे हैं।



