विवादित धर्मस्थल पर फिर तनाव… महिलाओं ने देव दीपावली पर की पूजा, पुलिस से झड़प; ‘खाकी’ को कहे गए अपशब्द

 विवादित धर्मस्थल पर फिर तनाव… महिलाओं ने देव दीपावली पर की पूजा, पुलिस से झड़प; ‘खाकी’ को कहे गए अपशब्द

फतेहपुर में विवादित धार्मिक स्थल (मंदिर-मकबरा) के सामने महिलाओं ने देव दीपावली मनाई। इस दौरान महिलाओं की पुलिस से भी झड़प हुई। महिलाओं ने पुलिस को अपशब्द भी कहे। इसका वीडियो वायरल हो रहा है।

फतेहपुर में विवादित धार्मिक स्थल (मंदिर-मकबरा) के सामने बुधवार को फिर विवाद हो गया। महिलाओं ने देव दीपावली पर पूजा अर्चना की। दीप जलाकर देवताओं की आरती की। मौके पर पहुंचे कोतवाल व महिलाओं के बीच नोकझोंक और तीखी झड़प भी हुई। 

इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में पुलिस को अपशब्द भी बोले गए हैं। पुलिस ने 20 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। शहर कोतवाली क्षेत्र के आबूनगर रेड्डया मोहल्ला स्थित विवादित धार्मिक स्थल पर पुलिस-प्रशासन की कड़ी निगरानी के बाद भी देव दीपावली की शाम काफी संख्या में महिलाएं दीपक-पूजा पाठ की सामग्री लेकर मकबरा स्थल की बैरिकेडिंग तक पहुंचीं। 

एक गली से हटाए जाने के बाद महिलाएं दूसरी गली में पहुंच गई। यहां खड़े होकर महिलाओं ने दूर से विवादित स्थल की ओर मुख कर देवताओं को याद किया। उनके गुणगान में आरती की।

आरती-पूजा के दौरान पुलिस भी सामने खड़ी दिखी
दीपक जलाकर देव दीपावली मनाई। हालांकि वायरल वीडियो में आरती-पूजा के दौरान पुलिस भी सामने खड़ी दिखी। कुछ देर बाद कोतवाल तारकेश्वर राय पहुंचे। इस दौरान महिलाएं गली में वापस हो चुकी थीं। महिलाएं घरों के बाहर पूजा-पाठ कर रही थीं। 

कोतवाल ने घरों के अंदर पूजा-पाठ की बात कही तो महिलाएं भड़क गई। महिलाओं का कहना था कि वह घरों के बाहर पूजा कर रही हैं। वह परपंरागत तरीके से पूजा करती आ रही हैं। कभी किसी ने नहीं रोका।

कोतवाल तारकेश्वर राय ने बताया कि महिलाएं चारों ओर से पहुंची थीं जो पूर्व के विवाद को हवा देने जैसा काम है। पुलिस से भी महिलाओं ने अभद्रता की है। इसके संबंध में कांस्टेबल मंजू की तहरीर पर 20 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और गाली-गलौज करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

ये है मामला
विवाद स्थल का मामला सिविल जज सीनियर की कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है। इसकी तारीख 12 नवंबर को लगी है। बता दें कि मठ मंदिर संघर्ष समिति की ओर से सात अगस्त को जिला प्रशासन ने स्थल पर सफाई के लिए ज्ञापन सौंपा था। प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। हिंदू संगठनों की अपील पर 11 अगस्त को कर्पूरी ठाकुर चौराहे पर भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी।

भीड़ बैरिकेडिंग तोड़कर स्थल तक पहुंची थी। यहां तोड़फोड़ की गई थी। दो समुदाय आमने-सामने हो गए थे। मामले में भाजपा नेता अभिषेक शुक्ला, आशीष त्रिवेदी, पप्पू सिंह चौहान, धर्मेंद्र सिंह जनसेवक, भाजयुमो नेता प्रसून तिवारी, सभासद रितिक पाल, विनय तिवारी, पुष्पराज पटेल, जिला पंचायत सदस्य रिंकू लोहारी, दलित समाज के नेता देवनाथ धाकड़े व 160 अन्य पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद से स्थल पर पीएसी कैंप कर रही है। स्थल पर अस्थायी पुलिस चौकी बनाई गई है। चारों तरफ से 15 फीट की जाली की बैरिकेडिंग भी कराई गई है।

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