संघर्ष विराम के अगले ही दिन मोसाद से जुड़े तीन कैदियों को फांसी, अब तक इस्राइल से जुड़े 700 लोग गिरफ्तार

संघर्ष विराम के अगले ही दिन मोसाद से जुड़े तीन कैदियों को फांसी, अब तक इस्राइल से जुड़े 700 लोग गिरफ्तार

इस्राइल के साथ संघर्ष विराम होने के बाद ईरान ने मोसाद से जुड़े जासूसों से निपटना शुरू कर दिया है। ईरान का मानना है कि इस्राइल के जासूसों ने ही परमाणु ठिकानों से जुड़ी खुफिया जानकारी लीक की थी। अब तक ईरान में छह लोगों को फांसी दी जा चुकी है। 

संघर्ष विराम के अगले ही दिन ईरान ने इस्राइल के जासूसों से निपटना शुरू कर दिया। बुधवार को ईरान ने इस्राइल के लिए जासूसी करने के आरोप में मोसाद से जुड़े तीन और कैदियों को फांसी दे दी। जबकि इस्राइल से जुड़े 700 से अधिक लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है। अब तक ईरान छह लोगों को फांसी की सजा दे चुका है।

बुधवार को ईरान के पश्चिमी अज़रबैजान प्रांत के उर्मिया जेल में आजाद शोजाई, एड्रिस आली और इराकी नागरिक रसूल अहमद रसूल को फांसी दी गई। ईरान की न्यायपालिका के मुताबिक इन लोगों पर देश में हत्या उपकरण लाने का आरोप था। ईरान ने इस्राइल के साथ संघर्ष के दौरान करीब छह लोगों को फांसी दे दी है। कार्यकर्ताओं को डर है कि और अधिक लोगों को फांसी दी जाएगी। वहीं अब तक 700 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

पटरी पर लौट रहा जीवन
इस बीच ईरान में लोग अपने सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश करने लगे हैं। संघर्ष विराम के बाद ईरान की राजधानी तेहरान के बाहर कैस्पियन सागर क्षेत्र और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भारी ट्रैफिक है, क्योंकि लोग शहर की ओर लौट रहे हैं।

13 जून को इस्राइल ने ईरानी परमाणु ठिकानों पर किए थे हमले
इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष 13 जून को शुरू हुआ था, जब इस्राइल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ शुरू करके ईरान की परमाणु और सैन्य सुविधाओं पर बड़ा हवाई हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3’ शुरू किया और इस्राइल ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया। फिर अमेरिका ने भी दोनों के युद्ध में एंट्री ली और ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर सटीक हमले किए। 

ट्रंप की युद्धविराम की घोषणा के बाद इस्राइल ने फिर किया हमला
मंगलवार (भारतीय समयानुसार) को ट्रंप ने ईरान और इस्राइल के बीच युद्धविराम समझौते की घोषणा की। यह तब हुआ जब ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कतर और ईरान में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया था। हालांकि, ट्रंप की घोषणा के कुछ देर बाद ही इस्राइली वायु सेना (IAF) ने तेहरान के उत्तर में एक ईरानी रडार ठिकाने पर हमला किया, जिसके बाद ईरान ने इस्राइल पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। 

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