यूपी: बारिश से नदियां उफनाईं, सात की मौत, बेघर हो गए लोग, घर-दुकानें डूबीं; रोजी रोटी का संकट

यूपी: बारिश से नदियां उफनाईं, सात की मौत, बेघर हो गए लोग, घर-दुकानें डूबीं; रोजी रोटी का संकट

प्रदेश में लगातार बारिश से कई नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। घर और दुकानें डूबने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दीवार और छत गिरने से सात लोगों की मौत हुई है। कई इलाकों में हजारों लोग प्रभावित हैं, जबकि रोजगार बंद होने से रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है।

प्रदेश के कई जिलों में हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। जनजीवन अस्त व्यस्त है। घर और दुकान बाड़ से घिरने के कारण लोग परेशान हैं। रोजगार बंद होने से रोजी रोटी का संकट है। घर और दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई।

चित्रकूट में बृहस्पतिवार को मंदाकिनी की जलधारा घाटों के ऊपर पहुंची तो कभी रामघाट से कामतानाथ जाने वाले मार्ग पर पहुंची। इससे नदी किनारे बसे 250 से अधिक परिवार दहशत में आ गए। उधर, सदर कोतवाली के बराछ गांव में कच्ची दीवार और छत ढहने से कल्लू यादव (35) और उसके दो मासूम बच्चों की दबकर मौत हो गई। पत्नी और बेटी अस्पताल में भर्ती है। वहीं, सीतापुर में दो महिलाएं, बहराइच में एक बालिका और बाराबंकी भी एक व्यक्ति की जान चली गई।

एनडीआरएफ की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला

कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से 10 इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए। गोपालपुरम और जरौली फेज-2 में करीब 25 परिवार जलभराव में फंस गए। सूचना पर एनडीआरएफ की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। इनके साथ ही मायापुरम, रविदासपुरम, मदनपुर, मेहरबान सिंह का पुरवा, वरुण विहार कच्ची बस्ती, सुंदरनगर, महावीरनगर और विद्यार्थी कॉलोनी में करीब 34 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

अंबेडकरनगर, बाराबंकी, अयोध्या और बहराइच में सरयू की बाढ़ का दायरा बढ़ता जा रहा है। देवरिया के भागलपुर में सरयू नदी का जलस्तर पांच दिन से लगातार बढ़ रहा है। नदी का बढ़ता पानी रिहायशी इलाकों की ओर पहुंचने लगा है। क्षेत्र के कई तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बस्ती में सरयू नदी के जलस्तर ने बाढ़ का स्त्रतरा बढ़ा दिया है। यहां जलस्तर खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। 

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ा

वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 61 सेंटीमीटर पीछे है। खतरे का निशान 71.26 मीटर है। जलस्तर बृहस्पतिवार की रात 8 बजे तक 70.65 मीटर पहुंच गया। सभी घाट जलमग्न हैं। वरुणा में भी उफान है। इस कारण लोगों को घर छोड़ कर शिविर में रहना पड़ रहा है।

सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जिले के फीट हिस्सा बाढ़ का पानी रिसने से कट गया। गंग का पानी तेजी से बंधे के भीतर घुसने लगा। गौपालनगर-टांडी में 200 घरों में बाड़ का पानी घुस गया है। कटान पीड़ित गोपालनगर जूनियर हाईस्कूल के पास शरण लिए हुए हैं। 

सीएम योगी ने लिया जायजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। फतेहगढ़ स्थित पुलिस पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। 31 बाढ़ पीड़ितों को भूमि का पट्टा व सीएम आवास के लिए प्रत्येक को 1.20 लाख का चेक सौंपे। योगी ने कहा कि आपदा से बचाने के लिए गंगा की सिल्ट निकालकर तटबंध में इस्तेमाल की जाएगी। 

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *