ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पूर्व बंगाल मंत्री इंद्रनील सेन और अन्य से जुड़े 15 ठिकानों पर छापेमारी की। आरोप है कि सेन की पत्नी के नेतृत्व वाली मासआर्ट संस्था ने यूनेस्को के नाम पर लोगों से रकम जुटाकर उसका निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और कुछ अन्य लोगों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, ईडी ने कुल 15 ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई एक ऐसे संगठन से जुड़े मामले में की गई, जो दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो आयोजित करता था। जांच एजेंसी को इस संगठन के जरिए कथित तौर पर वित्तीय गड़बड़ी किए जाने की जानकारी मिली है।
क्या है प्रवर्तन निदेशालय का आरोप?
ईडी का आरोप है कि मासआर्ट (महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसाइटी) नाम की संस्था ने लोगों से बड़ी रकम जुटाई। इस संस्था का नेतृत्व इंद्रनील सेन की पत्नी करती हैं। आरोप है कि लोगों से पैसे लेते समय यह दावा किया गया कि रकम यूनेस्को द्वारा प्रायोजित किसी संस्था के लिए इस्तेमाल की जाएगी। जांच एजेंसी के अनुसार, लोगों से जुटाई गई रकम का कथित तौर पर निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया। इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की जा रही है। हालांकि, ईडी की कार्रवाई को लेकर इंद्रनील सेन या मासआर्ट की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। एजेंसी की जांच जारी है और छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है।



