इस्राइल पर ईरान के ताजा हमले में कम से कम 240 लोग घायल हुए हैं, जिनमें सोरोका मेडिकल सेंटर पर हमले में घायल हुए 80 मरीज और चिकित्साकर्मी शामिल हैं। इस बीच ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है।
पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। इस्राइल और ईरान के बीच सैन्य झड़पें लगातार बढ़ रही हैं। इसी तनाव के बीच गुरुवार को ईरान ने जवाबी कार्रवाई में दक्षिणी इस्राइल के ‘सोरोका अस्पताल’ पर मिसाइल हमला किया। जिसके बाद बात और बिगड़ गई है। इस्राइल ने ईरान को खुली धमकी दी है कि अब अयातुल्ला खामनेई जिंदा नहीं बचेंगे। इस बीच, ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो इस मसले पर दो सप्ताह में निर्णय लेगे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने इस संबंध में जानकारी दी।
व्हाइट हाउस ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दो सप्ताह के भीतर यह निर्णय लेंगे कि ईरान पर हमला करना है या नहीं। उन्होंने कहा कि ट्रंप को अभी भी इस बात की पर्याप्त संभावना दिख रही है कि वार्ता के माध्यम से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका और इस्राइल की मांगें पूरी हो सकती हैं।
प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि फिलहाल ईरान को अपने संवर्धन कार्यों तथा परमाणु हथियार बनाने की किसी भी अन्य संभावना को तत्काल बंद करने की राष्ट्रपति की चेतावनी की समयसीमा बढ़ा दी गई है।
इससे पहले, इस्राइल के बीरशेबा इलाके में सोरोका अस्पताल पर ईरान ने मिसाइल हमला किया है। इस हमले में कम से कम 40 लोग घायल हो गए। वहीं, कुछ की मौत भी हुई है। मध्य और दक्षिण इस्राइल में भी ईरानी मिसाइलों से काफी नुकसान हुआ है।
खामनेई अब जिंदा नहीं रह सकते- इस्राइल काट्ज
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई अब जिंदा नहीं रह सकते। उन्होंने यह बयान तब दिया जब ईरान की मिसाइलों ने एक अस्पताल पर हमला किया, जिसमें कम से कम 40 लोग घायल हो गए। काट्ज ने कहा कि खामेनेई एक तानाशाह हैं और उन्होंने इस्राइल को खत्म करने का संकल्प लिया है, इसलिए उनका अस्तित्व अब स्वीकार्य नहीं है। इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की हत्या की इस्राइली योजना को रोक दिया था। हालांकि ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है।
बीते शुक्रवार से जारी है जंग
इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष पिछले शुक्रवार को शुरू हुआ था, जब इस्राइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य स्थलों, शीर्ष जनरलों और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। तब से जारी इस जंग में अब तक ईरान में 263 नागरिकों सहित कम से कम 639 लोग मारे गए हैं और 1,300 से अधिक घायल हुए हैं। वहीं, ईरान की जवाबी कार्रवाई में इस्राइल में कम से कम 24 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए।



