यूपी में बन रही थीं नकली दवाइयां: 2.30 करोड़ की क्रीम मिली, लगाने से कैंसर और त्वचा की गंभीर बीमारी का खतरा

यूपी में बन रही थीं नकली दवाइयां: 2.30 करोड़ की क्रीम मिली, लगाने से कैंसर और त्वचा की गंभीर बीमारी का खतरा

यूपी के लोनी की फैक्टरी में नकली दवाइयां बनाई जा रही थीं। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने फैक्टरी से 2.30 करोड़ की नकली दवाइयां बरामद की हैं। 

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की साइबर सेल ने नकली दवाइयां बनाने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव मीरपुर हिन्दू, लोनी, गाजियाबाद, यूपी निवासी गौरव भगत और निर्मल विहार, सभापुर, दिल्ली निवासी श्रीराम उर्फ विशाल गुप्ता के रूप में हुई है।

आरोपी यूपी स्थित लोनी के मीरपुर हिन्दू गांव में त्वचा रोगों में इस्तेमाल होने वाली बेटनोवेट-सी क्रीम, क्लोप-जी क्रीम और स्किन शाइन क्रीम बना रहे थे। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर 2.30 करोड़ रुपये की नकली दवाइयों के अलावा पैकिंग मेटेरियल, मशीन, कच्चा माल व अन्य सामान बरामद किया है। पूरे देश में आरोपी इन दवाइयों को अपने नेटवर्क से सप्लाई करवा रहे थे।

पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अभी कई गिरफ्तारियां होना बाकी है। इनकी तलाश में दिल्ली-एनसीआर के अलावा दूसरे स्थान पर छापेमारी की जा रही है। बरामद नकली दवाइयों के इस्तेमाल से कैंसर जैसे रोग होने की संभावना रहती है।

अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि इंस्पेक्टर मनजीत सिंह और एएसआई कंवरपाल की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नकली दवादयां बनाकर बेच रहे हैं। टीम ने आरोपियों की जानकारी जुटाना शुरू कर दी। इस बीच टीम को खबर मिली कि गिरोह की सप्लाई दिल्ली के सदर बाजार स्थित तेलीवाड़ा में भी है।

टीम ने वहां से जानकारी जुटाना शुरू कर दिया। जानकारी जुटाने के बाद टीम ने सबसे पहले श्रीराम उर्फ विशाल गुप्ता को दबोच लिया। इसकी निशानदेही पर भारी मात्रा में बेटनोवेट-सी और क्लोप-जी क्रीम बरामद की गई। जांच के दौरान पता चला कि बरामद सभी दवाइयां फर्जी हैं। इनका इस्तेमाल त्वचा रोग और स्पोर्ट्स इंजुरी में किया जाता है।

आरोपी विशाल गुप्ता से पूछताछ की गई। विशाल ने खुलासा किया कि बरामद सभी फर्जी दवाइयों को लोनी, गाजियाबाद के मीरपुर-हिन्दू में बनाया जा रहा है। जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने मीरपुर में छापेमारी कर वहां से गौरव भगत नामक आरोपी को दबोच लिया। इनकी फैक्टरी से भारी मात्रा नकली दवादयां और कच्चा माल व मशीन बरामद हुई।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह लोग पिछले कई साल से यहां पर नकली दवाइयां बनाने का काम कर रहे थे। इनका नेटवर्क उतर-भारत के कई राज्यों में फैला हुआ है। यह लोग क्रीम बनाकर होलसेलर को बेचते हैं। इसके बाद होलसेलर से सप्लायर इनको देशभर में पहुंचा देते हैं। आरोपियों ने करोड़ों का मुनाफा कमाया है।

आरोपियों के पास से बरामद सामान…
. 1200 ट्यूब बेटनोवेट-सी क्रीम
. 2720 ट्यूब क्लोप-जी क्रीम
. 3770 ट्यूब स्किन शाइन क्रीम
. 22000 क्लोप-जी की खाली ट्यूब
. 358 किलोग्राम कच्चा माल
. भारी मात्रा में अन्य केमिकल व मशीनें।

नकली दवाइयों से कैंसर और त्वचा की गंभीर बीमारी का खतरा…
बरामद सभी दवाइयां डॉक्टर की बिना पर्ची के ओपन काउंटर से नहीं ली जा सकती हैं, यदि इन दवाइयों को नकली बनाया जा रहा है तो यह एक गंभीर विषय है। इनके नकली होने पर बेहद गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इससे त्वचा के गंभीर रोग की संभावना बढ़ जाती है। -डॉ. एस.सी भरिजा, त्वचा रोग विशेषज्ञ, गंगाराम अस्पताल

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