प्रतीक यादव से पिछले वर्ष चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया था। प्रतीक ने चिनहट के पूर्वांचल सिटी निवासी भू-व्यवसायी कृष्णानंद पांडेय, उनकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने कारोबार में निवेश के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया था। इस मामले में चिनहट स्थित पूर्वांचल सिटी निवासी भू-व्यवसायी कृष्णानंद पांडेय, उनकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
प्रतीक यादव ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने कारोबार में निवेश कराने के नाम पर उनसे लाखों रुपये लिए, लेकिन बाद में रकम वापस करने के बजाय उन्हें लगातार धमकियां दी जाने लगीं। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने उनसे चार करोड़ रुपये की मांग की और रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
एफआईआर के अनुसार, प्रतीक यादव को POCSO एक्ट जैसे गंभीर मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए कई बार फोन कॉल और संदेश भेजे। मामले को लेकर राजनीतिक और कारोबारी हलकों में भी चर्चा तेज हो गई थी।
प्रतीक यादव की शिकायत पर गौतमपल्ली पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि मामले में वित्तीय लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में कारोबारी निवेश और पैसों के विवाद की बात सामने आई थी।
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों और प्रतीक यादव के बीच पहले कारोबारी संबंध थे। बाद में लेनदेन को लेकर विवाद बढ़ा और मामला रंगदारी व धमकी तक पहुंच गया। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही थीं कि कथित रकम का लेनदेन किन माध्यमों से हुआ और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



