बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने वाली बीएनपी जल्द सत्ता में काबिज होगी। पीएम मोदी ने बीएनपी सुप्रीमो को फोन पर बधाई भी दी है। इसी बीच बीएनपी के एक नेता ने भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई है। पढ़ें क्या है पूरा मामला?
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), जिसने आम चुनावों में भारी जीत हासिल की, ने शुक्रवार को भारत से अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर अपने दृढ़ रुख को दोहराया ताकि उन पर मुकदमा चलाया जा सके। जानकारी के मुताबिक, बीएनपी की स्थायी समिति के सद्स्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी औपचारिक रूप से भारत से शेख हसीना को ट्रायल के लिए बांग्लादेश प्रत्यर्पित करने का आग्रह करेगी। उन्होंने आगे कहा कि ये मामला दोनों देशों के मंत्रालयों के बीच कानूनी प्रक्रिया के अनुसार तय होना चाहिए और भारत से इसमें सहयोग की उम्मीद है।
शेख हसीना पर आरोप और भारत का पक्ष
बीएनपी नेता कहा कि ‘भारत को कानून का सम्मान करते हुए शेख हसीना को ढाका वापस भेजना चाहिए ताकि उन पर बांग्लादेश में मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मुकदमा चलाया जा सके।’ बांग्लादेश में नवंबर 2025 में ढाका के एक विशेष न्यायाधिकरण ने शेख हसीना को उनकी गैर-मौजूदगी में ‘मौत की सजा’ सुनाई थी, जिसके बाद से ही उनकी वापसी का दबाव भारत पर बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि ‘हम बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों के प्रति प्रतिबद्ध हैं, जिसमें शांति, लोकतंत्र, समावेश और स्थिरता शामिल हैं, और इस संबंध में सभी हितधारक के साथ बातचीत जारी रखेंगे।’
बांग्लादेश का 13वां राष्ट्रीय चुनाव
बीएनपी ने 300 में से 212 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं जमात-ए-इस्लामी गठबंधन ने 77 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके अलावा अन्य दलों को प्रदर्शन नाकाफी रहा, इसमें इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश पार्टी ने एक सीट और सात सीटों पर निर्दलीयों ने जीत हासिल की है। जबकि पूर्व सत्ताधारी दल अवामी लीग (शेख हसीना की पार्टी) को इस चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई।
बीएनपी प्रमुख को पीएम मोदी ने बधाई
पीएम मोदी ने बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान से फोन पर बात कर उन्हें जीत की बधाई दी। इससे पहले एक्स पर बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और बांग्लादेश ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से जुड़े पड़ोसी हैं, और भारत शांति, प्रगति और विकास के लिए मिलकर काम करता रहेगा। बीएनपी की ओर से भी भारत को धन्यवाद दिया गया और कहा गया कि नई सरकार में दोनों देशों के रिश्ते मजबूत होंगे।
चुनाव के नतीजे भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए अच्छी खबर- विशेषज्ञ
बांग्लादेश में हुए संसदीय चुनाव के नतीजों को लेकर रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों ने इसे भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए अच्छी खबर बताया है। माना जा रहा है कि करीब 18 महीनों से दोनों देशों के रिश्तों में जो ठंडापन था, उसमें अब सुधार आ सकता है। यह चुनाव ऐसे समय में हुआ जब देश पिछले डेढ़ साल से राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा के दौर से गुजर रहा था। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार गिर गई थी।



