15 अप्रैल को बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले सम्राट चौधरी की कैबिनेट का आज असल स्वरूप सामने आएगा। उस दिन दो मंत्रियों के साथ सम्राट ने शपथ ली थी। आज बाकी मंत्रियों का शपथ है। पीएम मोदी आ रहे और मौसम अटखेलियां कर रहा।
बिहार के लिए आज बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण में भले न आए हों, लेकिन आज वह आ रहे हैं। बशर्ते मौसम बहुत तंग न करे। रात तक आंधी-बारिश के दौर से पटना परेशान था। पटना नगर निगम के हाथ-पांव फूल रहे थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और देश के गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचने के बाद मौसम को लेकर परेशान नजर आए। सुबह से पटना में धूप खिली है, यह राहत है। पटना के गांधी मैदान में सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रियों का शपथ दोपहर ग्रहण सवा 12 बजे से होगा। इस समय मौसम अब ठीक रहने की उम्मीद है।
दोपहर 12:10 बजे से लाइव देख सकेंगे
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दो उप मुख्यमंत्रियों विजय कुमार चौधरी व बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 15 अप्रैल को लोकभवन में शपथ ली थी। उसके बाद कैबिनेट की बैठकें हो रही थीं, लेकिन कैबिनेट का स्वरूप वास्तव में नहीं दिख रहा था। बुधवार को भी कैबिनेट बैठक में यही तीन नेता थे। अब, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, बिहार कोटे से केंद्रीय मंत्रियों की उपस्थिति में मंत्रिमंडल विस्तार हो रहा है। आज पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मंत्रियों का शपथ होगा। चेहरों में ज्यादा बदलाव नहीं करते हुए जनता दल यूनाईटेड ने अपने मंत्रियों की सूची मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंप दी है। बाकी दलों की सूची भी सीएम के पास आ चुकी है। भाजपा की सूची अब फाइनल हो गई है, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। एक-दो चेहरे को बदलने की चर्चा है। दोपहर 12:10 बजे से आप ‘अमर उजाला’ के यूट्यूब चैनल पर शपथ ग्रहण समारोह देख सकेंगे।
इनका नाम सूची में होने की संभावना
मंत्रियों की सूची भाजपा शासनकाल में अंतिम समय ही जारी होती है, बिल्कुल शपथ ग्रहण के समय। फिर भी, अब तक की जानकारी यह बता रही है कि भाजपा ने एक-दो चेहरे नए जोड़ने की तैयारी की है। उसमें पटना के दीघा से विधायक संजीव चौरसिया का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। जदयू ने नवंबर में गठित सरकार में जिन चेहरों को मौका नहीं दिया था, उनके अलावा भी कुछ नए नाम दिख रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा नाम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का है। चर्चित नाम में भागलपुर वाले बुलो मंडल भी हैं।
अब तक की संभावित सूची में जदयू से विधायक दल के नेता श्रवण कुमार के साथ, पूर्व मंत्री अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, मो. जमा खान, शीला मंडल, सुनील कुमार, रत्नेश सादा का नाम पक्का है। इसके अलावा, भगवान सिंह कुशवाहा और श्वेता गुप्ता के भी मंत्रिपरिषद् में होने की चर्चा है। भाजपा में पूर्व उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का नाम ओहदे के साथ फाइनल बताया जा रहा है। पूर्व मंत्री मंगल पांडेय का नाम पक्का तो है, लेकिन जातीय समीकरण के आधार पर उनके खिलाफ गोलबंदी भी चल रही है। दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, नीतीश मिश्रा, रमा निषाद आदि का नाम पक्का है। प्रमोद चंद्रवंशी, संजय टाइगर, सुरेंद्र मेहता, लखेंद्र पासवान, अरुण शंकर प्रसाद के नाम को भी पक्का बताया जा रहा है। लोजपा (रामविलास) नए चेहरों पर शायद ही दांव खेले, इसलिए संजय सिंह और संजय कुमार का नाम तय है। इसी तरह, हम-से से जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन और रालोमो से उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का ही नाम पक्का बताया जा रहा है।



