केमिकल से तैयार हो रहा पनीर और खोआ, पाम ऑयल से घी; जानें असली ‘माल’ की पहचान करने के चार तरीके

केमिकल से तैयार हो रहा पनीर और खोआ, पाम ऑयल से घी; जानें असली ‘माल’ की पहचान करने के चार तरीके

आगरा में पनीर, खोआ और घी के 96 नमूनों में 57 फेल मिले, जबकि 23 में नकली होने की पुष्टि हुई है। पनीर-खोआ में स्टार्च और रिफाइंड से लेकर घी में पाम ऑयल तक मिलाए जाने का खुलासा हुआ है, जानिए घर पर असली-नकली पहचानने के चार तरीके।

घी, पनीर और खोआ सबसे ज्यादा मिलावटी और नकली हैं। इनके 60 फीसदी नमूने फेल हुए। ऐसे आंकड़ों को देख मुख्यमंत्री ने एनालॉग डेयरी उत्पादों को प्रतिबंधित (बैन) कर दिया है। इनकी बिक्री रोकने के लिए खाद्य विभाग जांच तेज कर रहा है। पुष्टि होने पर संचालक पर प्राथमिकी दर्ज होगी। ब्रांड भी प्रतिबंधित किया जाएगा।

खाद्य विभाग को बीते दिनों खोआ, पनीर और घी के 96 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें से 57 नमूने फेल पाए गए। इनमें से 23 नमूनों में नकली की पुष्टि हुई। दूध की बात करें तो 111 नमूनों की रिपोर्ट में से 81 मिलावटी और नकली पाए गए। जांच में घी में पाम ऑयल, वनस्पति तेल, एसेंस और पनीर-खोआ में स्टार्च, रिफाइंड, स्किम्ड मिल्क पाउडर पाया गया।

मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने जांच में एनालॉग की पुष्टि होने पर फर्म का लाइसेंस निरस्त करने, प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कहा है। पूरे प्रदेश में ब्रांड के उत्पाद भी बैन किए जाएंगे। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि एनालॉग डेयरी उत्पादों की जांच करने के लिए टीम को सक्रिय किया है। नमूने में पुष्टि होने पर कार्रवाई करते हुए शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।

क्या होता है एनालॉग डेयरी उत्पाद
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि एनालॉग कृत्रिम डेयरी उत्पाद होते हैं। इनको शुद्ध दूध से तैयार नहीं किया जाता है। इन सामग्री में दूध की वसा और प्रोटीन नहीं होती है। इसके स्थान पर पाम ऑयल, स्टार्च, सोया प्रोटीन और इमल्सीफायर (एक ऐसा पदार्थ है जो दो ऐसे तत्वों या तरल पदार्थों को आपस में मिलने और जुड़े रहने में मदद करता है जो आमतौर पर एक-दूसरे में नहीं मिलते) का उपयोग कर बनाया जाता है। इनमें पोषक तत्वों की कमी होती है और इनके खाने से पेट रोग, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग का खतरा अधिक होता है।

ये है स्थिति
सामग्री             नमूने             फेल             नकली
खोआ             28             18             05

पनीर             51             33             14
घी             17             06             04

इन नंबरों पर करें शिकायत
टोल फ्री नंबर 18001805533,
खाद्य विभाग कार्यालय: 0562-29700049 (सुबह 10 से शाम 5 बजे तक)

असली-नकली पनीर का पता लगाने के तरीके ये हैं:-
नंबर 1
जब आप दुकान से पनीर खरीदें या पनीर घर ला चुके हैं तो आप पनीर को हाथ से मसल सकते हैं। ऐसे में अगर पनीर टूटकर गिर रहा है, तो यानी ये पनीर मिलावट वाला हो सकता है। ऐसे पनीर को न खरीदें, वरना ये आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।

नंबर 2
आप जिस पनीर का सेवन कर रहे हैं वो असली है या फिर नकली है। इसका पता आप उसकी खूशबू से लगा सकते हैं। आपको करना ये है कि पनीर को सूंघना है अगर इसमें से दूध वाली खूशबू आ रही है तो ये पनीर असली होता है। जबकि, नकली पनीर में ऐसी कोई गंध नहीं आती है।

नंबर 3
पनीर को उबालकर भी आप ये जान सकते हैं कि पनीर मिलावट वाला है या असली है। आपको इसके लिए पहले पनीर को उबाल लेना है और फिर इसे निकालकर रख देना है ताकि ये ठंडा हो जाए। इसके बाद इस ठंडे पनीर के ऊपर अरहर या सोयाबीन का पाउडर डाल दें और 10 मिनट छोड़ दें। इसके बाद अगर पनीर हल्के लाल रंग का हो जाता है तो ये पनीर डिटर्जेंट से तैयार किया हुआ हो सकता है। ऐसे पनीर का सेवन बिलकुल न करें।

नंबर 4
मिलावट करने वाले लोग पनीर में स्टार्च मिला देते हैं। आप इसका पता लगाने के लिए पनीर के कुछ टुकड़े ले लें और फिर इन पर आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डाल दें। इसके बाद अगर पनीर नीला या फिर काले रंग का हो जाता है तो ये पनीर मिलावट वाला हो सकता है। वहीं, असली पनीर का रंग नहीं बदलता है।

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