भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी; सेंसेक्स 278 अंक टूटा, निफ्टी 77450 पर पहुंचा

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी; सेंसेक्स 278 अंक टूटा, निफ्टी 77450 पर पहुंचा

पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदें धूमिल होने से भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे और छठे सत्र में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक ब्याज दरें निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं। जानें वैश्विक बाजारों का हाल।

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 278.32 अंक गिरकर 77,450.64 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी में भी 57.65 अंक की गिरावट आई और यह 24,230.45 पर बंद हुआ।

भारतीय शेयर बाजार में लगातार तेज नुकसान दर्ज किया जा रहा है। पश्चिम एशिया में शांति समझौते की उम्मीदें धूमिल होने के कारण यह गिरावट आई है। सेंसेक्स लगातार तीसरे सत्र में गिरा है। निफ्टी में लगातार छठे सत्र में नुकसान हुआ है। शुरुआती कारोबार में रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 95.68 पर आ गया। निवेशकों में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंता बनी हुई है। इस गिरावट ने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया है।

भारतीय बाजार क्यों गिर रहे हैं?

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से भारतीय बाजार प्रभावित हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और कच्चे तेल की कीमतें बाजार के लिए मुख्य कारक बनी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच विरोधाभासी स्थितियां जल्द समाधान की उम्मीदों को कमजोर कर रही हैं। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है। निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के जुलाई बैठक के कार्यवृत्त पर भी है। इससे वैश्विक ब्याज दर के दृष्टिकोण पर संकेत मिल सकते हैं।

वैश्विक बाजार कैसे प्रदर्शन कर रहे हैं?

वैश्विक बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। टोक्यो समय के अनुसार सुबह 10:54 बजे तक S&P 500 वायदा 0.1 फीसदी गिरा। जापान का Nikkei 225 वायदा (OSE) 1.3 फीसदी नीचे आया। जापान का Topix भी 0.3 फीसदी गिर गया। हांगकांग का Hang Seng 0.6 फीसदी नीचे रहा। इन बाजारों में भी निवेशकों की सतर्कता साफ दिखी।

अन्य प्रमुख बाजारों का क्या हाल है?

ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 हालांकि 0.1 फीसदी बढ़ा। शंघाई कंपोजिट में बहुत कम बदलाव देखा गया। यूरो स्टॉक्स 50 वायदा में 0.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बाजारों पर दबाव बनाए हुए है। मध्य पूर्व की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *