साजिश की पूरी कहानी: दिल्ली तो शुरुआत… अयोध्या भी थी निशाने पर, 25 नवंबर को दहलाने का था प्लान

साजिश की पूरी कहानी: दिल्ली तो शुरुआत… अयोध्या भी थी निशाने पर, 25 नवंबर को दहलाने का था प्लान

जांच अधिकारियों का दावा है कि लाल किला बम धमाका महज शुरुआत थी, आतंकी 25 नवंबर को अयोध्या और 6 दिसंबर को दिल्ली को दहलाने की फिराक में थे।

दिल्ली बम धमाके को लेकर जैश-ए-मोहम्मद के सफेदपोश आंतकी मॉड्यूल के संदिग्धों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच अधिकारियों का दावा है कि लाल किला बम धमाका महज शुरुआत थी, आतंकी 25 नवंबर को अयोध्या और 6 दिसंबर को दिल्ली को दहलाने की फिराक में थे। 25 को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण करने का कार्यक्रम है। 

जांच अधिकारियों ने बताया, डॉ. उमर नबी ने 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के आसपास बड़े स्तर पर धमाकों की साजिश रची थी। सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के आठ संदिग्धों से पूछताछ, उनके परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों से बातचीत के बाद साजिश का खुलासा हुआ है, जो चार चरणों में रची गई थी।

2022 में विदेश में रचा षड्यंत्र : डॉ. उमर के साथ जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से जुड़े तीन आतंकी 2022 में तुर्किये गए थे। वहां अंकारा में उनकी मुलाकात हैंडलर उकासा से हुई। टेलीग्राम एप पर शुरू हुई बातचीत बाद में सिग्नल और सेशन पर स्थानांतरित हो गई। इसी दौरान साजिश रची, जिनमें गाड़ियों में आईईडी से धमाके शामिल थे।

दो साल तक रेकी : उमर और मुजम्मिल ने 2023 से जनवरी, 2025 तक लाल किले की कई बार रेकी की। वे अगले साल गणतंत्र दिवस समेत महत्वपूर्ण अवसरों पर हमलों को अंजाम देना चाहते थे। आतंकियों की दिसंबर में दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट को अंजाम देने की साजिश थी। 

वाहन और विस्फोटक खरीदे: इन्होंने हमले के लिए कारें खरीदीं। ह्यूंडई आई20 और लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार उसी साजिश का हिस्सा थी। 2022 से अब तक 2,900 किलो एनपीके और 350 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री जुटाई गई, जो 50 से अधिक आईईडी बनाने के लिए पर्याप्त थी। इसमें अमोनियम नाइट्रेट और आरडीएक्स भी शामिल थे।

सूत्रों ने बताया, कमरा नंबर 13 (जहां मुजम्मिल गनाई रहता था) और उमर उन नबी के कमरा नंबर 4 से बरामद सबूत एक सुनियोजित आतंकी साजिश की ओर इशारा करते हैं। नोटबुक और डायरियां कोडित संदर्भों, नामों और नंबरों से भरी थीं जिन पर 8 से 12 नवंबर की तारीखें लिखी थीं, जिससे पता चलता है कि डॉक्टर कई हमलों की योजना बना रहे थे। डायरियों पर ऑपरेशन शब्द बार-बार लिखा था।

सूत्रों ने बताया, उमर और मुजम्मिल दोनों कोरोना महामारी के दौरान अल-फलाह में एक के बाद एक शामिल हुए थे। उमर 2021 में और मुज़म्मिल उसके छह महीने बाद। डायरियों में 25-30 लोगों के नाम भी पाए गए, जिनमें से अधिकतर या तो जम्मू-कश्मीर, मुजम्मिल और उमर के गृह राज्य, या फरीदाबाद और आस-पास के इलाकों के हैं। इससे जांचकर्ताओं को इस सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल की रूपरेखा का अंदाजा हुआ। 

सफेद पन्नों पर खूनी स्याही : दो साल तक दहशत फैलाने की तैयारी
अल-फलाह विवि के दो डॉक्टरों के परिसर स्थित आवासों से तलाशी में नोटबुक और डायरियां बरासद हुई हैं। इनमें अगले दो साल तक देश में दहशत फैलाने की साजिश थी और कई हमलों को अंजाम देने का मास्टर प्लान था। जांच में पता चला है कि मुजम्मिल ने पहले भी सोशल मीडिया पर अफजल गुरु के समर्थन में पोस्ट किया था।

  • 8 से 12 के बीच थी बड़े हमले की योजना : दिल्ली विस्फोट 10 नवंबर को हुआ। डायरियों में मौजूद कूट संदेश बताते हैं कि वे 8 से 12 नवंबर के बीच किसी बड़े हमले की योजना थी। एक जांचकर्ता ने कहा, बैटरी उपलब्ध कराने वाले, वाहनों की व्यवस्था करने में मदद करने वाले, किराए के आवास की व्यवस्था करने वाले और विश्वविद्यालय के कर्मचारी, सभी जांच के दायरे में हैं
  • मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद उमर कभी वापस नहीं लौटा : 30 अक्तूबर को मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद, उमर उसी दिन विश्वविद्यालय से चला गया और फिर कभी वापस नहीं लौटा। जांचकर्ता ने कहा, हमें अभी यह पता लगाना है कि इन 10 दिनों में वह कहां रहा

16 घंटे तक भागने के बाद किया धमाका 

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद अयोध्या में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की धमकियां देता रहा है

16 घंटे तक पुलिस से भागते रहने के बाद उमर ने लाल किले के पास आई20 कार में आईईडी धमाका किया। बाद में फरीदाबाद से इकोस्पोर्ट बरामद हुई

नूंह, गुरुग्राम में खरीदे विस्फोटक : सफेदपोश आतंकियों ने हरियाणा के नूंह और गुरुग्राम से आईईडी और गोला-बारूद के लिए कच्चे माल की खरीदारी की

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