फीफा विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर! पराग्वे ने 4 बार की चैंपियन जर्मनी को हराकर टूर्नामेंट से किया बाहर

फीफा विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर! पराग्वे ने 4 बार की चैंपियन जर्मनी को हराकर टूर्नामेंट से किया बाहर

फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में पराग्वे ने शानदार प्रदर्शन के दम पर चार बार की चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर बड़ा उलटफेर किया और राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई। चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी का फीफा विश्व कप 2026 अभियान राउंड ऑफ 32 में समाप्त हो गया। 120 मिनट तक 1-1 की बराबरी के बाद पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से जीत दर्ज कर प्री क्वार्टर फाइनल यानी अंतिम-16 में जगह बना ली। जर्मनी की टीम चार बार की चैंपियन रह चुकी है। उसने 1954, 1974, 1990 और 2014 में खिताब जीता था।

गुस्तावो अल्फारो की टीम ने पूरे मैच में शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन किया और जर्मनी के आक्रामक खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। गेंद पर अधिकांश समय जर्मनी का कब्जा रहा, लेकिन लेरॉय साने, फ्लोरियन विर्ट्ज और काई हैवर्ट्ज लगातार पराग्वे की मजबूत डिफेंस और गोलकीपर ऑरलैंडो गिल के सामने बेअसर रहे।

पहले हाफ में एनसिसो ने दिलाई बढ़त
पहले हाफ के अंतिम मिनटों में पराग्वे ने अपने गिने-चुने कॉर्नर में से एक का बेहतरीन फायदा उठाया। कॉर्नर पर मैनुअल नोयर ने गेंद को मुक्का मारकर दूर किया, लेकिन पराग्वे ने दोबारा गेंद पर कब्जा जमा लिया। इसके बाद मटियास गलार्सा ने शानदार क्रॉस दिया, जिस पर बिना किसी दबाव के मौजूद जूलियो एनसिसो ने शानदार हेडर लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।

हैवर्ट्ज ने कराई वापसी, लेकिन जर्मनी जीत नहीं दिला सका
दूसरे हाफ में जर्मनी कहीं अधिक आक्रामक अंदाज में उतरा और 54वें मिनट में बराबरी हासिल कर ली। फ्लोरियन विर्ट्ज के बाएं फ्लैंक से आए सटीक क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद जर्मनी लगातार विजयी गोल की तलाश में हमले करता रहा, जबकि पराग्वे धीरे-धीरे अपनी पूरी टीम को रक्षात्मक मोर्चे पर ले आया और जवाबी हमले के मौके का इंतजार करता रहा। हालांकि, उसे ऐसा कोई बड़ा मौका नहीं मिला।

रद्द हुआ जर्मनी का विजयी गोल, मुकाबला पहुंचा पेनल्टी तक
जर्मनी के कोच जूलियन नागेल्समान ने पेनल्टी से बचने के लिए अपने सभी आक्रामक खिलाड़ियों को मैदान पर उतार दिया। अतिरिक्त समय में जोनाथन ताह ने गोल भी कर दिया था, लेकिन वॉल्डेमार एंटोन द्वारा ऑरलैंडो गिल पर फाउल किए जाने के कारण रेफरी ने गोल रद्द कर दिया। 120 मिनट के बाद भी स्कोर 1-1 रहा और मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।

पेनल्टी शूटआउट में पराग्वे ने दिखाई मजबूती
जर्मनी ने अपने घरेलू समर्थकों के सामने पहले पेनल्टी लेने का फैसला किया, लेकिन शुरुआत ही खराब रही। पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने काई हैवर्ट्ज की पहली पेनल्टी बचा ली। इसके बाद दोनों टीमों के बीच गोल और चूक का सिलसिला चलता रहा। आखिर में जोसे कनाले ने बेहद शांत अंदाज में निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर पराग्वे को 4-3 से ऐतिहासिक जीत दिला दी। अब दक्षिण अमेरिकी टीम चार जुलाई को राउंड ऑफ-16 में फिलाडेल्फिया में फ्रांस और स्वीडन के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता से भिड़ेगी।

पेनल्टी शूटआउट (पराग्वे 4-3 से जीता)

जर्मनी ने लिया था पहला किक

राउंडजर्मनीपरिणामपराग्वेपरिणाम
1काई हैवर्ट्जमिसमौरिसियोगोल
2जोशुआ किमिचगोलगुस्तावो गोमेजगोल
3जमाल मुसियालागोलमटियास गलार्सागोल
4निक वोल्टेमाडेमिसएंटोनियो सनाब्रियामिस
5नादीम अमीरीगोलफाबियन बालबुएनामिस
6जोनाथन ताहमिसजोसे कनालेगोल

FIFA World Cup 2026: Paraguay Stun Four-Time Champions Germany on Penalties to Reach Round of 16

रिकॉर्ड भी बना
जूलियो एनसिसो का पहला हाफ में किया गया गोल विश्व कप के नॉकआउट चरण में पराग्वे का पहला गोल बन गया।

मैच के बाद क्या बोले खिलाड़ी और कोच?

 

काई हैवर्ट्ज (जर्मनी): मेरे पास शब्द नहीं हैं। यह मेरा दूसरा विश्व कप है और दोनों बार नतीजा निराशाजनक रहा। मैं सिर्फ माफी मांग सकता हूं। पिछले कुछ बड़े टूर्नामेंटों में हमने खराब फुटबॉल नहीं खेली, लेकिन हर बार कुछ न कुछ कमी रह गई। आज भी वही हुआ। हमें, खासकर खिलाड़ियों को, खुद का गंभीरता से आकलन करना होगा। मैं इसमें कोच को जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगा।

गुस्तावो गोमेज (पराग्वे): इस एहसास को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मुझे अपने साथियों और पूरी टीम पर गर्व है। मैंने पिछले इंटरव्यू में भी कहा था कि यह टीम एक और मैच खेलने की हकदार है। हमने जितनी मुश्किल परिस्थितियां देखी हैं, उनमें हमारी एकजुटता सबसे बड़ी ताकत रही है। जर्मनी जानता था कि हमें हराने के लिए उसे असाधारण मेहनत करनी पड़ेगी।

ऑरलैंडो गिल (पराग्वे गोलकीपर): यह अविश्वसनीय खुशी का पल है। मुकाबला बेहद कठिन था। हमने पहले बढ़त बनाई, फिर उन्होंने बराबरी की, लेकिन उसके बाद हमने खुद को संभाले रखा। हमने हर पेनल्टी लेने वाले खिलाड़ी और हर छोटी-बड़ी चीज का पहले से विश्लेषण किया था। भगवान का शुक्र है कि मैं दो पेनल्टी बचा सका। किसी विश्व चैंपियन को बाहर करना हमारे लिए सम्मान की बात है। यह जीत पूरे पराग्वे के लोगों को समर्पित है।

जूलियन नागेल्समान (जर्मनी के मुख्य कोच): ड्रेसिंग रूम में गहरी निराशा है। फुटबॉल कभी-कभी ऐसा ही होता है। कुछ टीमें बेहद साधारण तरीके से भी जीत हासिल कर लेती हैं और आपको पूरे मैच में उन परिस्थितियों से बचना होता है। हमने अपने प्रतिद्वंद्वी को दबाव में डालने में बहुत देर कर दी। हमें गेंद को बॉक्स में ज्यादा बार पहुंचाना चाहिए था। मुकाबले का फैसला पेनल्टी तक नहीं जाना चाहिए था। हमारी बिल्ड-अप प्ले काफी धीमी रही।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *