Gaza Attacks: 44 दिनों में 500 बार टूटा गाजा युद्धविराम! इस्राइल की कार्रवाई में 300 से अधिक फलस्तीनी मारे गए

Gaza Attacks: 44 दिनों में 500 बार टूटा गाजा युद्धविराम! इस्राइल की कार्रवाई में 300 से अधिक फलस्तीनी मारे गए

शनिवार को इस्राइल ने गाजा के कई इलाकों पर हवाई हमले किए, जिनमें बच्चों सहित 24 फलस्तीनी मारे गए। इस्राइल ने दावा किया कि यह हमला उस समय किया गया जब एक हमास लड़ाके ने तथाकथित येलो लाइन के भीतर इस्राइली सैनिकों को निशाना बनाया। 

अमेरिका की मध्यस्थता में लागू किए गए गाजा युद्धविराम को इस्राइल ने पिछले 44 दिनों में लगभग 500 बार तोड़ा है, जिसमें सैकड़ों फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। यह दावा गाजा सरकार के मीडिया ऑफिस ने किया है, जिसकी रिपोर्ट अल जजीरा ने प्रकाशित की।

जारी बयान के मुताबिक, 342 फलस्तीनी नागरिक युद्धविराम उल्लंघनों में मारे गए, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित रहे। सिर्फ शनिवार को ही इस्राइल की ओर से 27 उल्लंघन दर्ज किए गए, जिनमें 24 लोगों की मौत और 87 से ज्यादा लोग घायल हुए।

युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन
गाजा मीडिया ऑफिस ने इस्राइल की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून और युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन है। बयान में कहा गया कि इन हमलों और नाकेबंदी के चलते इस्राइल मानविक और सुरक्षा स्थिति के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इस्राइल अब भी गाजा में मानवीय सहायता और मेडिकल सप्लाई के प्रवेश पर कड़ी पाबंदी लगाए हुए है, जबकि युद्धविराम समझौते में इसकी अनुमति दी गई थी।

हालिया हमले में 24 फलस्तीनी मारे गए
शनिवार को इस्राइल ने गाजा के कई इलाकों पर हवाई हमले किए, जिनमें बच्चों सहित 24 फलस्तीनी मारे गए। इस्राइल ने दावा किया कि यह हमला उस समय किया गया जब एक हमास लड़ाके ने तथाकथित येलो लाइन के भीतर इस्राइली सैनिकों को निशाना बनाया। इस्राइल ने कहा कि उसने जवाबी कार्रवाई में 5 वरिष्ठ हमास लड़ाकों को मार गिराया।

हालांकि, हमास ने इस्राइल के इस दावे को चुनौती देते हुए सबूत पेश करने की मांग की है। हमास नेता इज़्जत अल-रिशेक ने कहा कि अमेरिका और समझौते के मध्यस्थ इस्राइल पर दबाव डालें, ताकि वह युद्धविराम समझौते का पालन करे। उधर, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि गाजा के उत्तरी हिस्से में कई फिलिस्तीनी परिवार फंसे हुए हैं, क्योंकि इस्राइली सेना समझौते के विपरीत अपनी तैनाती और अंदर बढ़ाती जा रही है।

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