India-US Trade Deal: राहुल गांधी ने भारत-यूएस ट्रेड डील पर ऐसा क्या कहा, भड़के पीयूष गोयल?

India-US Trade Deal: राहुल गांधी ने भारत-यूएस ट्रेड डील पर ऐसा क्या कहा, भड़के पीयूष गोयल?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा करता है और संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों को निराधार और भ्रामक करार देते हुए कहा कि यह समझौता किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा करता है।

पीयूष गोयल ने कहा, ‘राहुल गांधी आदतन झूठे हैं। आज जारी एक वीडियो में उन्होंने झूठ बोलने और निराधार आरोप लगाने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वे अपने झूठे बयानों से हमारे किसानों को गुमराह कर रहे हैं और उन्हें भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।’ 

किसानों के हितों को पीएम मोदी ने हमेशा सर्वोपरि रखा : गोयल
सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है और अमेरिका के साथ हुए हालिया व्यापार समझौते में भी कृषि क्षेत्र के हित सुरक्षित रखे गए हैं। गोयल के अनुसार, इस समझौते से कृषि निर्यात बढ़ेगा, मांग में वृद्धि होगी और किसानों को बेहतर मूल्य मिलेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते के तहत भारतीय निर्यात पर अमेरिकी शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है, जबकि डेयरी और अन्य संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है। इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि यह समझौता खाद्य सुरक्षा और किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अमेरिकी दबाव में कृषि बाजार खोल दिया है।

राहुल गांधी झूठे हैं :शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राहुल गांधी के आरोपों की आलोचना करते हुए कहा कि समझौते में किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी झूठे हैं और किसानों के हितों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वे लगातार राष्ट्र के हितों के खिलाफ बोलते हैं। उन्होंने झूठ बोलने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वे राष्ट्र को गुमराह करना चाहते हैं।’

भारत और अमेरिका के संयुक्त बयान के अनुसार, फरवरी 2025 से चली वार्ताओं के बाद यह समझौता हुआ, जिसके तहत भारत को वस्त्र, चमड़ा, रसायन, प्लास्टिक, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी उत्पादों पर कम अमेरिकी शुल्क का लाभ मिलेगा, जबकि भारत कुछ अमेरिकी औद्योगिक और चुनिंदा कृषि उत्पादों पर शुल्क में कटौती करेगा।

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