‘मासूमियत का सौदा’: 500 से 2000 में बिक रहे थे अश्लील वीडियो, पुलिस के हत्थे चढ़े तीन शातिर, अब खरीदारों की खैर नहीं

‘मासूमियत का सौदा’: 500 से 2000 में बिक रहे थे अश्लील वीडियो, पुलिस के हत्थे चढ़े तीन शातिर, अब खरीदारों की खैर नहीं

बाल अश्लील सामग्री अपलोड कर पैसे वसूलने वाले तीन आरोपियों को साइबर क्राइम टीम ने गिरफ्तार किया है। वहीं, चमनगंज में अपनी ही चचेरी बहनों और रिश्तेदारों की बच्चियों के अश्लील वीडियो बनाने वाला एक अन्य आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पुलिस अब इन वीडियो के खरीदारों की पहचान के लिए बैंक खातों की जांच कर रही है।

कानपुर मे सोशल मीडिया पर बाल अश्लील सामग्री अपलोड कर उससे काली कमाई करने वाले तीन लोगों को साइबर क्राइम टीम ने गिरफ्तार किया है। शातिर टेलीग्राम से बच्चों के अश्लील वीडियो डाउनलोड कर उसकी क्लिप इंस्टाग्राम पर अपलोड कर देते थे।

पूरे वीडियो की डिमांड आने पर 500 से 2000 रुपये तक ऑनलाइन वसूल कर उसे यूजर के पर्सनल नंबर पर भेज देते थे। पुलिस के अनुसार शातिर दो वर्षों से इस गोरखधंधे में लिप्त थे और अब तक 150 से अधिक वीडियो अपलोड कर चुके हैं।

एनसीएमईसी की ओर से एक सूचना दी गई थी
एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि गूगल और बच्चों के यौन शोषण की रोकथाम के लिए कार्य करने वाली संस्था राष्ट्रीय गुमशुदा एवं शोषित बालक केंद्र (एनसीएमईसी) की ओर से राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत पोर्टल पर एक सूचना दी गई थी।

टीम ने मोबाइल नंबर के जरिये जांच शुरू की
बताया गया था कि एक इंस्टाग्राम अकाउंट से बाल अश्लील सामग्री अपलोड की जा रही है। इसके आधार पर साइबर क्राइम टीम ने मोबाइल नंबर और आईएमईआई के जरिये जांच शुरू की। जांच में मोबाइल नंबर चकेरी के नई बस्ती गदियाना निवासी मोहम्मद उवेश (20) के नाम पर मिला।

बाल अश्लील सामग्री क्लिप अपलोड करता था
पूछताछ में उवेश ने बताया कि उसने दो वर्ष पहले यह नंबर अपने नाम पर लिया था। जिसे बाद में अपने दोस्त सैय्यद शारान (18) को दे दिया था। सैय्यद से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह अपने साथी आकिब खान (22) के साथ मिलकर इंस्टाग्राम पर बाल अश्लील सामग्री अपलोड करता था।

पूरा वीडियो दिखाने के नाम पर रकम वसूली जाती थी
क्लिप देखकर संपर्क करने वाले लोगों से पूरा वीडियो दिखाने के नाम पर उनसे रकम वसूली जाती थी। पुलिस के अनुसार आरोपी टेलीग्राम से बच्चों के अश्लील वीडियो डाउनलोड कर उसे इंस्टाग्राम पर अपलोड करते थे। जांच में जिन मोबाइलों की आईएमईआई मिली थी वे मोबाइल आकिब खान और सैय्यद शारान से बरामद हुए हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

नाबालिग चचेरी बहनों, रिश्तेदारों की बच्चियों के बनाता था अश्लील वीडियो
चमनगंज पुलिस ने छह दिन पहले एक युवक को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह अपनी नाबालिग चचेरी बहनों, रिश्तेदारों की 8-10 साल की मासूम बच्चियों और पड़ोस की लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें अपनी गूगल ड्राइवर में रखता था।

इस तरह के मामलों की चार शिकायतें मिली हैं
हालांकि, ट्रैकिंग सिस्टम ने इस आपत्तिजनक कंटेंट को डिटेक्ट कर उसकी पोल खोल दी थी। इस मामले में एडीसीपी अपराध अंजलि विश्वकर्मा ने बताया था कि इस तरह के मामलों की चार शिकायतें मिली हैं। आरोपी ने पूछताछ में बताया था कि वह मानसिक तनाव दूर करने के लिए ऐसी हरकत करता है।

वीडियो के खरीदारों की भी तलाश
चकेरी में बच्चों के अश्लील वीडियो बनाकर बेचने वालों के बाद अब पुलिस उनके खरीदारों का पता लगाने में जुट गई है। पुलिस आरोपियों के बैंक खाते खंगाल रही है, जिससे पता चल सके कि किस अकाउंट से रुपये आए थे। यह खाते किन-किन राज्यों और शहरों के हैं। कुछ खरीदारों के नाम जल्द प्रकाश में आने की उम्मीद है।

गिरोह के अन्य शातिरों का पता चल सकता है
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों का कहना है कि वह बच्चों के अश्लील वीडियो को 500 से 2000 रुपये में बेचते थे। इनके खरीदारों की जानकारी होने से वीडियो बनाने वाले गिरोह के अन्य शातिरों का पता चल सकता है। वीडियो में बच्चे भले बाहर के हों, लेकिन उन्हें देखने वाले कानपुर के हो सकते हैं। खरीदारों की तलाश में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

चमनगंज से भी कनेक्शन खंगाल रही है टीम
पुलिस इन वीडियो का चमनगंज से भी कनेक्शन खंगाल रही है। हाल ही में चमनगंज का एक युवक परिवार की बच्चियों, युवतियों और महिलाओं के अश्लील वीडियो बनाने के आरोप में पकड़ा गया था। हालांकि आरोपी ने वीडियो गूगल पर सेव ही किए थे जबकि चकेरी में पकड़े गए आरोपी बच्चों के वीडियो की बिक्री कर रहे थे।

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