ट्रंप प्रशासन ने बदले वीजा नियम: भारतीय छात्रों पर पड़ेगा क्या असर? चीनी नागरिकों को भी दिया बड़ा झटका

ट्रंप प्रशासन ने बदले वीजा नियम: भारतीय छात्रों पर पड़ेगा क्या असर? चीनी नागरिकों को भी दिया बड़ा झटका

ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों में शामिल लोगों और विदेशी पत्रकारों के लिए अमेरिकी वीजा नियमों को और सख्त करने का फैसला किया है। नए प्रावधानों के तहत इन श्रेणियों के वीजा अब निर्धारित अवधि के लिए ही मान्य होंगे और जरूरत पड़ने पर अवधि बढ़ाने के लिए अलग से अनुमति लेनी होगी। छात्रों के लिए संस्थान बदलने और पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेरिका में रुकने के नियम भी कड़े किए गए हैं।

ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के तहत आने वाले लोगों और विदेशी पत्रकारों के लिए वीजा नियमों को और सख्त करने का फैसला किया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) की ओर से जारी अंतिम नियम के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एफ वीजा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के तहत अमेरिका में काम करने की अनुमति देने वाले जे वीजा और मीडिया कर्मियों के लिए आई वीजा की अब एक तय अवधि होगी। अभी तक ये वीजा संबंधित कार्यक्रम या अमेरिका में रोजगार की अवधि तक वैध रहते थे।

यह नियम संघीय रजिस्टर में प्रकाशित होने के 60 दिन बाद लागू होगा। हालांकि, इसे लागू होने से पहले अमेरिकी कांग्रेस की समीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा। जनवरी 2025 में पदभार संभालने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध और कानूनी दोनों तरह के आव्रजन पर सख्ती बढ़ाई है। उनके प्रशासन ने विदेशी छात्रों के वीजा और ग्रीन कार्ड रद्द किए हैं। साथ ही वैचारिक विचारों के आधार पर विश्वविद्यालयों के कुछ छात्रों पर कार्रवाई की है। इसके अलावा, लाखों प्रवासियों का कानूनी दर्जा भी समाप्त किया गया है।

भारतीय छात्रों पर पड़ेगा क्या असर?
नए नियमों के तहत छात्र (जिनमें भारतीय भी शामिल हैं) और एक्सचेंज वीजा की अवधि अधिकतम चार वर्ष होगी। वहीं, विदेशी पत्रकारों के लिए आई वीजा, जो अभी कई वर्षों तक वैध रह सकता है, अब अधिकतम 240 दिनों के लिए दिया जाएगा। चीनी नागरिकों के मामले में इसकी अधिकतम अवधि 90 दिन होगी। हालांकि, वीजा धारकों को अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन करने की अनुमति होगी।

अगस्त में चीन के विदेश मंत्रालय ने चीनी पत्रकारों के लिए प्रस्तावित नए नियमों का विरोध करते हुए उन्हें भेदभावपूर्ण बताया था। गुरुवार को इस संबंध में चीनी दूतावास की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

छात्रों पर लगे क्या नए प्रतिबंध?
नए नियमों के अनुसार, स्नातकोत्तर (ग्रेजुएट) छात्रों को बिना अनुमति अपने शैक्षणिक उद्देश्य बदलने या किसी अन्य संस्थान में स्थानांतरण की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, पढ़ाई या प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अमेरिका छोड़ने के लिए मिलने वाली अवधि 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी जाएगी।

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के पूर्व अधिकारी डग रैंड ने कहा, “ज्यादातर अमेरिकी समझते हैं कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों का स्वागत करना और अनावश्यक लालफीताशाही को खत्म करना कितना महत्वपूर्ण है। यह नियम ठीक इसका उल्टा करेगा।” कैटो इंस्टीट्यूट में आव्रजन अध्ययन के निदेशक डेविड जे. बियर ने कहा कि नए नियमों में पढ़ाई और संस्थान बदलने पर लगाए गए प्रतिबंधों का कोई कानूनी आधार नहीं है।

डीएचएस ने बताया क्यों बदले नियम?
डीएचएस ने कहा कि हाल के वर्षों में इन वीजा की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। विभाग के अनुसार, वर्ष 2024 में 18 लाख से अधिक छात्र वीजा प्रवेश दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। वित्त वर्ष 2024, जो 1 अक्टूबर 2023 से शुरू हुआ था, के दौरान अमेरिका ने पांच लाख से अधिक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों में शामिल लोगों और 37,300 मीडिया कर्मियों को वीजा जारी किए।

डीएचएस ने कहा कि ऐसे आगंतुकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के कारण अमेरिका में उनके प्रवास की निगरानी और उन पर प्रभावी नजर रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। विभाग ने यह भी कहा कि उसके पास ऐसे कई उदाहरण हैं, जिनमें छात्र और एक्सचेंज विजिटर अपने वीजा पर कई दशकों तक अमेरिका में बने रहे।

नए नियमों के तहत अगर कोई वीजा धारक निर्धारित अवधि से अधिक समय तक अमेरिका में रहना चाहता है, तो उसे डीएचएस से वीजा अवधि बढ़ाने की अनुमति लेनी होगी या फिर अमेरिका से बाहर जाकर दोबारा प्रवेश के लिए नया अनुमोदन प्राप्त करना होगा।

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