भारतीय नौसेना में शामिल हुए आईएनएस महेंद्रगिरि। इससे नौसेना की ताकत में काफी इजाफा होगा। इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि यह आत्मनिर्भऱ भारत का सबूत है क्योंकि इस फ्रिगेट में 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी हैं।
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित एक समारोह में शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अत्याधुनिक और 75 प्रतिशत तक स्वदेशी पोत आईएनएस महेंद्रगिरि भारतीय नौसेना को समर्पित किया। इस पर ब्रह्मोस मिसाइल की तैनाती भी की जा सकती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में विशाखापत्तनम में आयोजित एक कार्यक्रम में आईएनएस महेंद्रगिरी पोत का जलावतरण हुआ। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने कहा कि इस पोत में इस्तेमाल 75% सामग्री स्वदेशी है। आईएनएस महेंद्रगिरी पूरी तरह अभेद्य है। इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि इस पोत पर ब्रह्मोस मिसाइल को भी तैनात किया जा सकता है।
आईएनएस महेंद्रगिरि 17ए का छठा स्टील्थ फ्रिगेट है। पूर्वी घाट की पर्वत श्रृंखला के नाम पर इसका नाम आईएनएस महेंद्रगिरि रखा गया है। इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है। इसका निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा किया गया है। यह फ्रिगेट रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता का बेहतरीन सबूत है क्योंकि इसमें 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी हैं।



