महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने कहा कि वह संविधान को रक्षा और नफरत के खिलाफ मोहब्बत का संदेश लेकर सत्याग्रह पदयात्रा कर रहे हैं। उन्होंने आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों पर समाज और राजनीति में नफरत फैलाने का आरोप लगाया। वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने बतायि कि यह पदयात्रा को छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ हो रही है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने सोमवार कहा कि वह संविधान को मजबूत करने और उसे बचाने के लिए सत्याग्रह पदयात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हम यह पदयात्रा समाज और राजनीति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके सहयोगी सगंठनों की ओर से फैलाई जा रही नफरत के खिलाफ मोहब्बत का संदेश लेकर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर नफरत बढ़ी तो यह देश की एकता को नुकसान पहुंचाएगी। तुषार गांधी ने कहा, यह यात्रा समाज में प्रेम, भाईचारे और सांविधानिक मूल्यों को बचाने का प्रयास है।
वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, हम आरएसएस की छुआछूत और भेदभाव को लेकर बनाई गई विभाजनकारी नींव को चुनौती देने के लिए यह पदयात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा, इस पदयात्रा का मकसद हर भारतीय को संविधान और सत्य-अहिंसा के सिद्धांतों के प्रति जागरूक करना और उसे अपनाने के लिए प्रेरित करना है। सपकाल ने कहा कि यह पदयात्रा संविधान की रक्षा, समानता और सामाजिक समरसता के लिए है, ताकि भारत का लोकतांत्रिक ढांचा बचा रहे।



