केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कथित तौर पर एआई से तैयार किया गया फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। केंद्रीय मंत्री ने इसे दुर्भावनापूर्ण बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जानिए इस डीपफेक मामले में क्या-क्या हुआ।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो को लेकर जवाब दिया है। उन्होंने इसे डीपफेक वीडियो बताया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
पीयूष गोयल ने क्या दावा किया?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, संसद के बाहर मीडिया से मेरी बातचीत की वीडियो को एआई की मदद से दुर्भावनापूर्ण छेड़छाड़ कर एक डीपफेक वीडियो तैयार करके उसे गलत सूचना फैलाने के मकसद से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है।
कहां दर्ज कराई एफआईआर?
पीयूष गोयल ने ‘एक्स’ पोस्ट में जानकारी दी कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। शनिवार सुबह 4.35 बजे चाणक्यपुरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इस फर्जी वीडियो को बनाने, प्रसारित करने या जानबूझकर बढ़ावा देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एआई के दुरुपयोग पर क्या बोले मंत्री?
केंद्रीय मंत्री ने पोस्ट में लिखा, जनता को गुमराह करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस प्रकार का गैर-जिम्मेदाराना और दुर्भावनापूर्ण दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोत पर ही भरोसा करें। पीयूष गोयल ने लिखा, मुझे पूरा भरोसा है कि भारत के जागरूक और तकनीक की समझ रखने वाले नागरिक, खासकर हमारे युवा, ऐसे फर्जी और एआई से बनी गलत जानकारी का शिकार नहीं बनेंगे।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का डीपफेक वीडियो उस समय वायरल हुआ, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन जारी है। इसमें दावा किया गया कि उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बारे में धमकी भरी बातें कहीं। हालांकि, पीआईबी फैक्ट चेक ने खुलासा किया कि पाकिस्तान के दुष्प्रचार करने वाले खाते से पीयूष गोयल का वीडियो वायरल किया गया था।



