Samsung ने दुनिया का पहला UFS 5.0 स्टोरेज पेश करने का ऐलान किया है। कंपनी का दावा है कि यह मौजूदा स्टोरेज से दोगुनी से ज्यादा स्पीड देगा और कम बिजली खर्च करेगा। इसका फायदा आने वाले AI स्मार्टफोन्स, XR हेडसेट्स और स्मार्ट वियरेबल डिवाइसेज में देखने को मिल सकता है।
स्मार्टफोन की स्पीड सिर्फ उसके प्रोसेसर पर निर्भर नहीं करती। फोन के अंदर लगी स्टोरेज चिप भी उतनी ही अहम होती है। यही चिप आपके फोटो, वीडियो, ऐप्स और बाकी डेटा को संभालती है। अब Samsung ने इसी क्षेत्र में बड़ा दावा करते हुए दुनिया का पहला UFS 5.0 स्टोरेज पेश किया है। कंपनी का कहना है कि यह अब तक का सबसे तेज UFS स्टोरेज है। इसका सीधा असर फोन की स्पीड, AI फीचर्स और बैटरी पर देखने को मिलेगा।
कितना तेज है नया UFS 5.0?
Samsung के मुताबिक UFS 5.0 की रीड स्पीड 10.8GB प्रति सेकंड तक जाती है। यह मौजूदा UFS 4.1 से दोगुनी से ज्यादा है। वहीं इसकी राइट स्पीड 9.5GB प्रति सेकंड तक पहुंचती है। आसान शब्दों में कहें तो एप्स पहले से तेजी से खुलेंगे, बड़ी फाइलें जल्दी ट्रांसफर होंगी और AI फीचर्स को काम करने में कम समय लगेगा। फोन पहले से ज्यादा स्मूद महसूस होगा।
बैटरी पर भी पड़ेगा असर
Samsung का दावा है कि नया UFS 5.0 पुराने मॉडल के मुकाबले 40 फीसदी से ज्यादा कम बिजली खर्च करता है। यानी फोन की बैटरी पर कम दबाव पड़ेगा। दिलचस्प बात यह है कि ज्यादा स्पीड देने के बावजूद यह चिप पहले से करीब 16.7 फीसदी छोटी है। इससे कंपनियों को पतले और हल्के फोन बनाने में मदद मिलेगी।
AI के लिए क्यों है खास?
आजकल स्मार्टफोन कंपनियां AI फीचर्स को सीधे फोन में ला रही हैं। पहले कई काम क्लाउड पर होते थे, लेकिन अब फोन खुद भी काफी AI प्रोसेसिंग करने लगे हैं। इसके लिए स्टोरेज और प्रोसेसर के बीच बहुत तेज डेटा ट्रांसफर जरूरी होता है।
Samsung Electronics में मेमोरी प्रोडक्ट प्लानिंग के हेड जांगसियोक चोई का कहना है कि AI के दौर में स्टोरेज सिर्फ डेटा रखने की जगह नहीं रह गया है, बल्कि यह तय करता है कि फोन में AI फीचर्स कितनी अच्छी तरह काम करेंगे।
कब आएगा बाजार में?
Samsung 2026 की चौथी तिमाही में UFS 5.0 का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करेगी। यह स्टोरेज 1TB तक की क्षमता में उपलब्ध होगा। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में इसका इस्तेमाल फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स, XR हेडसेट्स और AI से लैस वियरेबल डिवाइसेज में किया जाएगा। यानी अगले कुछ वर्षों में जो AI स्मार्टफोन बाजार में आएंगे, उनमें यह नई तकनीक बड़ी भूमिका निभा सकती है।



