सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग (झोलुंगे) में स्थित एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है। इस हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। मजदूरों के मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
सिक्किम सुरंग हादसे पर निर्माण कार्य में लगी कंपनी ने क्या कहा?
नामची जिले के एनएचपीसी सुरंग में सिविल कंस्ट्रक्शन का काम कर रही पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड (पीईएल) ने हादसे के संबंध में कहा है कि उसकी परियोजना टीम फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए आपदा राहत बलों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। कंपनी ने कहा कि बचाव के प्रयासों में जरूरी सभी आवश्यक संसाधन और उपकरण मुहैया कराए जा रहे हैं। कंपनी की साइट इंजीनियरिंग टीम सुरंग में बचाव दल को प्रभावित स्थान तक पहुंचाने में मदद कर रही है। कंपनी के लोग अधिकारियों के साथ चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। कंपनी ने पीड़ित परिवारों के संबंध में कहा, ‘दुख की इस घड़ी में, हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। हम इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।
मृतकों की पहचान के लिए क्या उपाय कर रही है सरकार?
सुरंग हादसे के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने नामची जिला प्रशासन को रंगपो में मृतकों की पहचान के लिए एक समर्पित तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया है। प्रभावित परिवारों, विशेष रूप से अन्य राज्यों से आए परिवारों को हर संभव सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। हादसे के बाद राज्य के मुख्य सचिव रविंद्र तेलंग ने नामची में पुलिस महानिदेशक अक्षय सचदेवा की उपस्थिति में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी की। इसमें परियोजना स्थल पर खोज और बचाव अभियान की प्रगति का आकलन किया गया। बैठक में जिला प्रशासन, बचाव एजेंसियां, पश्चिम बंगाल प्रशासन के अधिकारी, एनएचपीसी लिमिटेड और सुरंग के लिए सिविल निर्माण कार्यों से जुड़ी कंपनी- पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने मृत श्रमिकों की पहचान और रेस्क्यू पर क्या कहा?
- रविंद्र तेलंग ने बचाव रणनीति की भी विस्तार से समीक्षा की।
- निर्बाध ऑपरेशन सुरक्षित रहे, कुशलता और निरंतरता सुनिश्चित करें एजेंसियां।
- उपलब्ध ऑक्सीजन आपूर्ति का विवेकपूर्ण उपयोग करने पर भी जोर।
भारत की सबसे बड़ी कंपनी की परियोजना में हादसा?
नामची में जिस जगह ये हादसा हुआ है वहां देश की सबसे बड़ी कंपनी- एनएचपीसी की परियोजना पर काम चल रहा है। हादसे के बाद कंपनी की तरफ से जारी बयान के अनुसार, चट्टानों के भीतर फंसी/दबी हुई संदिग्ध मीथेन गैस के अचानक विस्फोट के कारण यह धमाका हुआ, जिससे घना धुआं और जहरीली गैसें उत्पन्न हुईं।
सिक्किम सुरंग हादसे पर प्रशासन क्या बोला?
- तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की समरदुंग (झोलुंगे) सुरंग में हुआ हादसा।
- नामची जिला प्रशासन के मुताबिक कंपनी के उपस्थिति रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड मिलाए जाने के बाद श्रमिकों की संख्या पता लगी।
- भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत विकास संस्था- एनएचपीसी लिमिटेड की है यह निर्माणाधीन परियोजना।
मृतकों की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं
नामची के पुलिस अधीक्षक (SP) सोनम डी भूटिया ने बताया, 25 में से 20 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अब तक 12 शव निकाले जा चुके हैं, जिनमें से 7 की पहचान हो गई है और अन्य शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं। गौरतलब है कि एनएचपीसी की समरडंग स्थित तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में यह हादसा सोमवार दोपहर करीब 1 बजे हुआ था। पांच श्रमिक अभी भी लापता हैं।
बंगाल से बुलाई गई टीम, रेस्क्यू ऑपरेशन में कितनी एजेंसियां?
हादसे के संबंध में जिला परियोजना अधिकारी (डीडीएमए) सूरज राई ने बताया कि बचाव अभियान चौबीसों घंटे चल रहा है। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के विशेषज्ञ, एनडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर सुरंग के भीतर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। राज्य आपदा मोचन बल, जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और चिकित्सा दल भी बचाव एवं राहत कार्य में जुटे हैं। पश्चिम बंगाल से एक विशेष माइनिंग रेस्क्यू टीम को भी बचाव कार्य में मदद के लिए बुलाया गया है।
सुरंग ढहने के कारणों का पता लगाएगी सरकारी समिति
स्थिति का जायजा लेने नामची जिले में दुर्घटनास्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री तमांग ने घोषणा की है कि मीथेन गैस विस्फोट और सुरंग ढहने के कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इसमें किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मृत मजदूरों की याद में दो मिनट का मौन, CM प्रेम सिंह तमांग क्या बोले
सिक्किम विधानसभा में मृत मजदूरों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सदन को बताया कि पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने उनसे बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। राज्य सरकार ने एनएचपीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता को पीड़ितों को जल्द से जल्द मुआवजा वितरित करना सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी हादसे पर शोक जताया।
सिक्किम सुरंग हादसे में मजदूरों की मौत का आंकड़ा 20 पहुंचा
सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग के ढहने की घटना में पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मजदूरों की मौत की संख्या 20 पहुंच गई है। पांच अन्य अभी भी फंसे हुए हैं। 24 घंटे से अधिक समय से फंसे श्रमिकों की मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने एनएचपीसी सुरंग ढहने में जान गंवाने वाले प्रत्येक मजदूर के परिजनों के लिए 4 लाख रुपये और घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति के लिए 50,000 रुपये के अनुग्रह राशि की घोषणा की।
NHPC ने कहा कि फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है
सरकारी कंपनी एनएचपीसी ने मंगलवार को कहा कि सिक्किम में तीस्ता हाइड्रो प्रोजेक्ट साइट पर फंसे लोगों को बाहर निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है। वहां बन रही एक टनल में धमाके के बाद कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। एनएचपीसी ने एक बयान में कहा कि साइट से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, टनल के अंदर 25 कर्मचारी फंसे हुए थे, जिनमें से अब तक 10 लोगों की मौत की खबर है।
बयान में कहा गया, ’20 जुलाई, 2026 को दोपहर 1.04 बजे दक्षिण सिक्किम के समरडुंग में NHPC के तीस्ता स्टेज VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की बन रही हेड रेस टनल के अंदर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। चट्टानों के अंदर फंसी मीथेन गैस के अचानक फटने से धमाका हुआ, जिससे घना धुआं और ज़हरीली गैसें निकलीं।’
PM मोदी ने मृतकों के परिवारों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 की मदद का एलान किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सिक्किम के नामची जिले में बन रही एक टनल के ढहने से हुई मौतों पर दुख जताया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की मदद देने का एलान किया। प्रधानमंत्री ने इस घटना में घायल हुए लोगों के लिए भी 50,000 रुपये देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘नामची, सिक्किम में बन रही एक टनल के ढहने से हुई मौतों से दुखी हूं। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। PMNRF से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे’।



