तमिलनाडु के करूर में विजय की रैली के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कई लोग घायल होकर अस्पताल में भर्ती हुए हैं। स्थिति की गंभीरता पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चिंता जताई और स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम व जिला कलेक्टर को हर संभव सहायता देने का आदेश दिया। मंत्री अंबिल महेश को भी मदद के लिए निर्देशित किया गया है। प्रशासन प्रभावित लोगों के इलाज और राहत कार्य में जुटा है।
तमिलनाडु के करूर में अभिनेता-नेता विजय की रैली के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। घटना में कई लोग घायल हो गए जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। साथ ही ये भी आशंका जताई जा रही है कि करीब 10 लोगों की मौत हो गई। माना जा रहा है यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। करूर प्रशासन से मिली जानकारी को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि हालात चिंताजनक हैं और सभी घायलों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पीटीआई के मुताबिक हालातों को देखते हुए माना जा रहा है कि सीएम कल करूर जा सकते हैं।
सीएम ने स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम और जिला कलेक्टर को तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मंत्री अंबिल महेश को भी राहत और मदद मुहैया कराने के लिए लगाया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, अस्पताल प्रशासन को आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहने और घायलों की पूरी देखभाल सुनिश्चित करने को कहा है। घटना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है।
रैली अचानक अफरातफरी में बदल गई
तमिलनाडु के करूर में शनिवार को अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय की रैली अचानक अफरातफरी में बदल गई। भारी भीड़ के दबाव के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए और बेहोश होकर गिर पड़े। इन्हें एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सूत्रों के मुताबिक, दो बच्चों समेत लगभग 10 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। अस्पतालों में अफरातफरी मची हुई है और घायलों का इलाज जारी है।
बीच में रुका विजय का भाषण
रैली में भीड़ इतनी अधिक हो गई कि पुलिस को हालात काबू में लाने के लिए लाठीचार्ज तक करना पड़ा। इसके बावजूद अव्यवस्था फैलती गई और कई लोग दबाव में आकर गिर पड़े। अव्यवस्थित माहौल देखते हुए विजय को अपना भाषण बीच में रोकना पड़ा। उन्होंने मंच से अपील की कि पुलिस तत्काल मदद करे। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को पानी की बोतलें भी बांटी, लेकिन हालात बिगड़ते चले गए। करूर प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। घटना के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।



