तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के प्रमुख विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से राजभवन में मुलाकात की। उन्होंने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया।
सूत्रों के अनुसार, विजय ने राज्यपाल को विधायकों के समर्थन का जो पत्र सौंपा है, उसमें 112 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, राज्यपाल अभी तक टीवीके के दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि पार्टी के पास बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त आधिकारिक आंकड़े नहीं हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा सस्पेंस बना हुआ है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है, लेकिन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर अभी तक पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे। बहुमत के आंकड़े को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच विजय का शपथ ग्रहण भी फिलहाल टलता दिख रहा है।
राज्यपाल से मिले विजय, पेश किया सरकार बनाने का दावा
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके बाद विजय ने बुधवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल अर्लेकर से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। कांग्रेस ने भी TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।
हालांकि, राज्यपाल ने अभी तक सरकार गठन के लिए औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने विजय से बहुमत के समर्थन का ठोस दस्तावेजी प्रमाण मांगा है।
बहुमत के आंकड़े से अभी दूर TVK
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। TVK को 108 सीटें मिली हैं। कांग्रेस के समर्थन के बाद आंकड़ा 113 तक पहुंचा, लेकिन पार्टी अब भी बहुमत से कुछ सीटें दूर है।
विजय की नजर अब अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों के समर्थन पर है। CPI, CPM और VCK जैसे दलों के साथ बातचीत जारी बताई जा रही है।
AIADMK ने समर्थन से किया इनकार
इस बीच AIADMK ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी हालत में TVK को समर्थन नहीं देगी। पार्टी नेताओं ने पोस्ट-पोल गठबंधन की अटकलों को खारिज कर दिया।
AIADMK के रुख के बाद विजय के लिए बहुमत जुटाने की चुनौती और कठिन हो गई है। इसी वजह से सरकार गठन की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
शपथ ग्रहण टल सकता है
सूत्रों के मुताबिक TVK ने गुरुवार या शुक्रवार को शपथ ग्रहण की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन राज्यपाल की ओर से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम पर अनिश्चितता छा गई है।
राज्यपाल फिलहाल सभी समर्थन पत्रों और राजनीतिक समीकरणों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में तमिलनाडु में अगली सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है।



