वेनेजुएला पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया

वेनेजुएला पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और ग्रीनलैंड को धमकी के बीच नई सनसनी फैला दी है। ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए खुद को वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया है, जिससे जुड़ी एक तस्वीर उन्होंने ट्रुथ सोशल पर साझा की है। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई कर और उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर पूरी दुनिया में भूचाल ला गया था। वहीं अब वेनेजुएला से जुड़ा एक पोस्ट कर नई सनसनी फैला दी है। अपने ट्रूथ सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट कर ट्रंप ने खुद को वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया है, उन्होंने इससे जुड़ी एक तस्वीर भी साझा की है।

खुद को ‘वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति’ बताया
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने खुद को ‘वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति’ बताया है। ट्रुथ सोशल पर साझा की गई इस पोस्ट में वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रमों के बाद ट्रंप को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में दर्शाने वाली एक डिजिटल रूप से संपादित तस्वीर दिखाई गई है। यह तस्वीर ऐसे वक्त पर साझा की गई है, जब ट्रंप लगातार वेनेजुएला के तेल भंडार को लेकर तेल कंपनियों के साथ बैठक कर रहे हैं और लगातार ईरान-ग्रीनलैंड पर धमकी भरे लहजे में बयानबाजी कर रहे हैं। 

अमेरिका का वेनेजुएला पर शासन!
विकिपीडिया की संपादित तस्वीर में डोनाल्ड ट्रंप को जनवरी 2026 तक वेनेजुएला के वर्तमान राष्ट्रपति के रूप में दर्शाया गया। बता दें कि वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने यह भी दावा किया कि है जब तक सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक अमेरिका वेनेजुएला सरकार का ‘संचालन’ करेगा।

तेल कंपनियों को ट्रंप की दो टूक
बीते दिनों डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दुनिया की दिग्गज तेल-गैस कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की थी, जहां उन्होंने साफ कर दिया कि वेनेजुएला में निवेश अब सीधे अमेरिका के साथ होगा, ना कि वेनेजुएला सरकार के साथ। ट्रंप ने सुरक्षा की गारंटी देते हुए तेल उद्योग को बड़े निवेश के लिए खुला न्योता दिया। ट्रंप ने ये भी कहा कि अगर अमेरिका ने समय रहते कार्रवाई नहीं की होती, तो चीन या रूस वेनेजुएला में अपनी मजबूत मौजूदगी बना चुके होते।

अमेरिका वेनेजुएला में क्या करना चाहता है?
अमेरिका चाहता है कि उसकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में निवेश करें। तेल उत्पादन और बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा किया जाए। वेनेजुएला के तेल की वैश्विक बिक्री पर अमेरिका की पकड़ बनी रहे। ट्रंप प्रशासन इसे आर्थिक पुनर्निर्माण का रास्ता बता रहा है।

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