ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर पर बढ़ते दबाव के बीच नेतृत्व बदलने की चर्चा तेज है। ऐसे में गृह सचिव शबाना महमूद का नाम संभावित उत्तराधिकारी के रूप में उभर रहा है। वे ऑक्सफोर्ड शिक्षित वकील और पहली मुस्लिम महिला सांसद रह चुकी हैं। पार्टी में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। आइए जानते इस रेस में और भी कौन से नेता है। साथ ही शबाना महमूद के पाकिस्तान के कनेक्शन को भी जानेंगे।
ब्रिटेन की राजनीति इस समय बड़े संकट के दौर से गुजर रही है। जेफ्री एपस्टीन विवाद और पीटर मैंडेलसन नियुक्ति मामले के बाद प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर की कुर्सी पर खतरा बढ़ गया है। उनकी ही लेबर पार्टी के भीतर समर्थन कमजोर पड़ता दिख रहा है। ऐसे माहौल में यह सवाल तेज हो गया है कि अगर कीएर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं तो अगला प्रधानमंत्री कौन होगा। सबसे ज्यादा चर्चा शबाना महमूद के नाम की हो रही है, जो ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं।
शबाना महमूद इस समय ब्रिटेन की गृह सचिव हैं और पार्टी के भीतर मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। उनकी पहचान सख्त फैसले लेने वाली नेता की है। वे सीमा सुरक्षा, अवैध प्रवासन और आंतरिक सुरक्षा जैसे कठिन मुद्दे संभाल रही हैं। उन्हें लेबर पार्टी के दक्षिणपंथी धड़े का समर्थन भी मिलता है। वे तेज वक्ता मानी जाती हैं और संसद में मजबूत तरीके से पक्ष रखती हैं। अगर नेतृत्व परिवर्तन होता है तो वे सबसे आगे रहने वालों में गिनी जा रही हैं।
शबाना का पाकिस्तान कनेक्शन
45 वर्षीय शबाना महमूद पेशे से वकील रही हैं और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ी हैं। उनके पूर्वज पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के मीरपुर क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। वे 2010 में ब्रिटेन की पहली मुस्लिम महिला सांसद बनी थीं। तब से वे लगातार सक्रिय राजनीति में हैं। पार्टी संगठन और संसदीय कामकाज दोनों में उनकी पकड़ मानी जाती है। यही वजह है कि संकट के समय उनका नाम नेतृत्व विकल्प के रूप में उभर रहा है।
नेतृत्व की दौड़ में और भी नाम
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा के बीच कई अन्य नाम भी सामने हैं। स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग को मजबूत वक्ता माना जाता है, हालांकि उन्होंने किसी अंदरूनी साजिश से इनकार किया है। एंजेला रेनर भी एक बड़ा चेहरा हैं और पार्टी के भीतर प्रभाव रखती हैं, लेकिन उन पर पुराने कर विवाद की चर्चा भी होती है। मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम लोकप्रिय हैं, मगर संसद सदस्य नहीं होने से उनकी राह कठिन मानी जाती है। पूर्व लेबर नेता एड मिलिबैंड अनुभवी हैं, लेकिन उन्होंने शीर्ष पद की इच्छा नहीं जताई है।
स्टार्मर पर संकट क्यों गहराया?
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर संकट पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति के फैसले से जुड़ा है। मैंडेलसन और एपस्टीन के संबंधों के खुलासे के बाद विवाद बढ़ा। बाद में मैंडेलसन को पद से हटाया गया, लेकिन फैसले पर सवाल बने रहे। इसके बाद चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने भी इस्तीफा दे दिया और नियुक्ति की सलाह की जिम्मेदारी ली। पार्टी के कई सांसदों ने खुलकर नाराजगी जताई। जनमत सर्वेक्षणों में भी लेबर पार्टी की स्थिति कमजोर बताई जा रही है।
बिना आम चुनाव भी बदल सकता है प्रधानमंत्री
ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था में प्रधानमंत्री बदलने के लिए आम चुनाव जरूरी नहीं होता। अगर कीर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं या पार्टी उन्हें हटाती है तो लेबर पार्टी नया नेता चुनेगी। वही नेता प्रधानमंत्री बनेगा। पहले भी वहां सत्ताधारी दल ने कार्यकाल के बीच कई बार प्रधानमंत्री बदले हैं। फिलहाल स्टार्मर सांसदों को साथ रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दबाव बना हुआ है। ऐसे में शबाना महमूद का नाम सबसे मजबूत विकल्प के रूप में चर्चा में है।



