ड्रैगन की नई चाल: ईरान संकट में उलझा रहा अमेरिका, चीन ने चोरी छिपे किया परमाणु मिसाइल परीक्षण, किसे खतरा?

ड्रैगन की नई चाल: ईरान संकट में उलझा रहा अमेरिका, चीन ने चोरी छिपे किया परमाणु मिसाइल परीक्षण, किसे खतरा?

अमेरिका इस समय ईरान के साथ युद्ध में पूरी तरह व्यस्त है और इसी का फायदा उठाकर चीन ने पनडुब्बी से परमाणु ले जाने वाली मिसाइल का बड़ा टेस्ट कर लिया। चीन अब अपने परमाणु हथियारों को छुपाने के बजाय खुलकर दुनिया को अपनी ताकत दिखा रहा है, जिसने भारत सहित पूरे प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है।

चीन ने चुपके से समुद्र के नीचे से एक बेहद खतरनाक मिसाइल का परीक्षण किया है। यह मिसाइल अपने साथ परमाणु बम ले जा सकती है। हैरानी की बात यह है कि इस बड़े खतरे पर दुनिया का जितना ध्यान जाना चाहिए था, उतना नहीं गया। एक नई रिपोर्ट में इसकी बड़ी वजह बताई गई है। दरअसल, महाशक्ति अमेरिका इस समय पश्चिम एशिया के एक बड़े युद्ध में बुरी तरह फंसा हुआ है। इसी वजह से अमेरिका और बाकी दुनिया चीन की इस खतरनाक सैन्य हरकत पर ठीक से नजर नहीं रख पाई।

क्या खाड़ी के युद्ध ने चीन को बड़ा मौका दिया?
एशिया मीडिया सेंटर ने इस मामले पर एक खास रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट कहती है कि चीन ने इस टेस्ट के लिए जो समय चुना, उसकी बहुत बारीकी से जांच होनी चाहिए। असल में, फरवरी महीने के आखिरी दिनों से ही अमेरिका पूरी तरह ईरान के साथ युद्ध में उलझा हुआ है। जिस हफ्ते चीन ने अपनी पनडुब्बी से मिसाइल दागी, ठीक उसी हफ्ते अमेरिका और ईरान की लड़ाई बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। अमेरिका ने समुद्री जहाजों पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए ईरान के दर्जनों ठिकानों पर भीषण बमबारी की थी। पिछले कई महीनों से अमेरिका का पूरा दिमाग, उसकी सेना और उसके बड़े नेता केवल खाड़ी देश के इसी संकट को सुलझाने में लगे हुए हैं। यह रिपोर्ट न्यूजीलैंड के एक नामी मीडिया संस्थान ने तैयार की है।

क्या चीन की परमाणु नीति पूरी तरह बदल चुकी है?
इस रिपोर्ट को लिखने वाली एक्सपर्ट दिव्या मल्होत्रा का कहना है कि सिर्फ इस बात से यह तय नहीं होता कि चीन ने अमेरिका को फंसा हुआ देखकर जानबूझकर यह चाल चली है। चीन का अपना दावा है कि यह टेस्ट तो उसकी सेना का एक साधारण और सालाना अभ्यास था। लेकिन लेखिका का मानना है कि चीन ने यह धमाका ठीक उस समय किया, जब उसका मुकाबला करने वाला इकलौता देश अमेरिका दूसरे मोर्चे पर व्यस्त था। भले ही अमेरिका का ध्यान भटका हो, लेकिन भारत , जापान और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा विशेषज्ञों ने चीन की इस हरकत को बहुत गंभीरता से नोट किया है।

इस टेस्ट से प्रशांत महासागर के देशों में डर का माहौल है। यह मिसाइल जिस इलाके में गिरी, उसे ‘परमाणु-मुक्त क्षेत्र’ माना जाता है। यह इलाका न्यूजीलैंड का रणनीतिक पड़ोसी है। इस टेस्ट ने पूरे क्षेत्र की शांति को खतरे में डाल दिया है।

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