झारखंड: भर्तियों में गड़बड़ी के खिलाफ 11 दिन से डटे हैं छात्र; CID जांच कहां तक पहुंची, CM हेमंत का रूख क्या?

झारखंड: भर्तियों में गड़बड़ी के खिलाफ 11 दिन से डटे हैं छात्र; CID जांच कहां तक पहुंची, CM हेमंत का रूख क्या?

दिल्ली में भर्ती परीक्षाओं को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद झारखंड में भी छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। रांची में हजारों छात्र पिछले 11 दिनों से जेपीएससी और जेएसएससी की विवादित भर्तियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जेन-जी के विरोध प्रदर्शन के बाद अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक और भर्ती घोटालों को लेकर आक्रोश सामने आने लगा है। झारखंड में सरकारी नौकरियों में घूसखोरी, संगठित गिरोह और भर्तियों में गड़बड़ी पर छात्रों का गुस्सा जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

किन मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं छात्र?
विवादों में घिरे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और कर्मचारी चयन आयोग (जेपीएसएससी) की भर्तियों के खिलाफ राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों छात्र-छात्राएं 11 दिन से डटे हैं। उनकी मांग सिर्फ किसी परीक्षा को रद्द कराने की नहीं, बल्कि 4-5 वर्षों की दस से अधिक विवादित भर्तियों की दूसरे राज्य के हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों से जांच, दोषियों पर कार्रवाई व व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की है। आंदोलनकारी इसे युवाओं के भविष्य और व्यवस्था पर भरोसे की लड़ाई बता रहे हैं।

आरोप : सरकारी नौकरियां बेची जा रहीं, रेट 25 लाख से डेढ़ करोड़ तक
आंदोलनकारियों का आरोप है कि पैसे लेकर सरकारी नौकरी दिलाने वाला संगठित गिरोह सक्रिय है। कई भर्तियों में तो रेट 25 लाख से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है।

  • आरोप है कि जेएसएससी की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा से पहले ही 120 प्रश्नों वाला पूरा पेपर चुनिंदा लोगों तक पहुंचा दिया गया, उत्तर रटवाए गए। जांच में पुष्टि हुई, पर सरकार ने नकारा।
  • लेडी सुपरवाइजर भर्ती में फर्जी डिग्रियों पर नौकरी दी गई। 33 महिलाओं की स्नातक डिग्री एक ही निजी विवि की मिली, तो नियुक्तियां रोकनी पड़ी।
  • उत्पाद सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा से पहले रांची में पुलिस ने सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड समेत 164 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया। सभी अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख लेकर प्रश्नपत्र के उत्तर रटवाए जा रहे थे।

अनूठा : सीएम हेमंत के खिलाफ मोर्चाबंदी में पिता शिबू की तस्वीर
पारंपरिक लोकगीतों के साथ आंदोलन कर रहे छात्र सीएम हेमंत सोरेन और उनकी व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। खास बात यह है कि छात्र झारखंड आंदोलन के अगुवा और पूर्व सीएम दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर बैठे हैं।

  • हेमंत शिबू सोरेन के बेटे हैं। छात्रों का कहना है कि शिबू ने युवाओं के अधिकार का सपना देखा था, उसी सपने के लिए वे मैदान में उतरे हैं, क्योंकि यहां छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है।
  • गंभीर सवाल: आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं अर्चना कुमारी कहती हैं, दस से अधिक परीक्षाओं में धांधली से गंभीर सवाल उठे हैं। यही वजह है कि राज्यभर में छात्र सड़कों पर है। छात्र संगठनों ने छह और 10 अगस्त को विधानसभा के घेराव का एलान किया है।

उचित समय पर लेंगे निर्णय: सीएम हेमंत

  • भर्तियों में गड़बड़ी की जांच दूसरे राज्य के हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों के पैनल से कराने की मांग पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। सभी तथ्य सामने आने पर उचित निर्णय लेंगे।

परीक्षा कराने वाली एजेंसी से सेटिंग में तीन गिरफ्तार
बहुचर्चित मेधा घोटाले में देर रात सीआईडी ने तीन दलालों को दबोच लिया। ये एजेंट पैसे लेकर अभ्यर्थियों का परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल से संपर्क कराते थे।

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